अखिलेश ने चला बड़ा दांव, निषाद पार्टी का निकाला काट : गोरखपुर सीट पर घोषित किया उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश की राजनीति इस वक़्त गर्मायी हुई है. बता दें कि सपा-बसपा गठबंधन में शामिल निषाद पार्टी ने गठबंधन से किनारा कस लिया है. जिसके बाद से समाजवादी पार्टी में हलचल मची हुई है। लेकिन अब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस नुकसान से बचने के लिए एक राजनीतिक चाल चल दी है.

दरअसल, सपा- बसपा- रालोद गठबंधन में शमिल होने के महज तीन दिन बाद निषाद पार्टी ने अचानक शुक्रवार रात को खुद को महागठबंधन से अलग कर लिया था। वहीं खबर ये भी थी की गठबंधन से बाहर होने के महज़ कुछ ही घंटे के भीतर निषाद पार्टी के संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दिया था.

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की एक और सूची जारी कर दी है. इस लिस्ट को सपा का बड़ा दांव माना जा रहा है. बता दें कि समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर और कानपुर सीट पर पार्टी ने निषाद समुदाय के प्रत्याशी उतारे हैं. खास बात यह है कि निषाद पार्टी को भाजपा के साथ जाता देख सपा ने एक बड़ी राजनीतिक चाल चली है. गोरखपुर से रामभुआल निषाद को टिकट दिया है. रामभुआल निषाद को सपा में निषाद समुदाय के चेहरे के तौर पर देखा जाता है. राजनीतिक जानकार बताते है कि निषाद समुदाय के वोटों के खिसकने का खतरा देखकर ये फैसला किया गया है.

बता दें कि निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद को बीजेपी से हाथ मिलाते देख सपा के तरफ से ये फैसला किया गया. इसी वजह से पार्टी ने इसकी काट के तौर पर गोरखपुर से रामभुआल निषाद को मैदान में उतारा है.