जिराफ: अफ्रीका के जंगलों का सबसे अनूठा शाकाहारी, जानिए जिराफ के बारे में 10 मज़ेदार फैक्ट

वाइल्‍ड लाइफ की बात करें तो अफ्रीका का ज़िक्र होना ज़रूरी है। क्योंकि अफ्रीका इस दुनिया की वो जगह है, जहां दुनिया के सबसे अनोखे जंगली जानवर पाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है जिराफ, जिसको अफ्रीका का सबसे अनूठा शिकारी कहा जाता है। दोस्तों आज हम आपको जिराफ से जुड़ी 10 अनसुनी बातें बता रहे हैं। तो चलिए, शुरू करते हैं।

1- जिराफ अफ्रीका का सबसे बड़ा स्तनधारी जानवर है। जिराफ के केवल पैर ही इंसानों की पूरी लंबाई से अधिक होते हैं। जिराफ के पैर छह फीट लंबे होते हैं।

2- जिराफ बेहद तेज़ दौड़ सकते हैं। जिराफ अधिकतम 35 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। हालांकि इतनी अधिक रफ्तार में जिराफ बहुत दूर तक नहीं दौड़ पाते हैं और जल्दी थक जाते है। लंबी दूरी के लिए जिराफ अधिकतम 10 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

3- आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जिराफ की गर्दन को छोटी गर्दन माना जाता है। जी हां, ये सच भी है। जिराफ की गर्दन उसके शरीर के औसत में बेहद छोटी है। इस कारण जिराफ को ज़मीन से कुछ उठाने या पानी पीने के लिए अपने पैरों को अजीब ढंग में फैलाना पड़ता है। ये जिराफ की मजबूरी है।

4- जिराफ बेहद कम पानी पीते हैं। कई दिनों में बस एक बार। जिराफ के शरीर की ज़रूरत का अधिकतर पानी उन्हें उन पत्तियों से मिल जाता है, जिन्हें वे खाते हैं।

5- जिराफ के जीवन का अधिकतर समय खड़े हुए ही गुज़रता है। जिराफ खड़े-खड़े ही सोते हैं और बच्चे को जन्म भी खड़े हुए ही देते हैं। 
6- अफ्रीका के कई जंगली जानवरों की तरह ही जिराफ का बच्चा भी जन्म के कुछ मिनट बाद ही खड़ा होना सीख जाता है। साथ ही जिराफ का बच्चा चलना सीखते ही घास खाना भी शुरू कर देता है।
7- जिराफ भले ही पृथ्वी का सबसे विशालकाय स्तनधारी है, लेकिन उसके अधिकतर बच्चे जन्म के पहले कुछ महीनों में ही शेर, लकड़बग्गे, अफ्रीकी जंगली कुत्तों और तेंदुओं द्वारा मार दिए जाते है।
8– जिराफ के शरीर पर पाए जाने वाले भूरे चकत्ते बिल्कुल इंसान की उंगिलियों के जैसे होते हैं। दरअसल जिस तरह दो इंसानों की उंगलियों के निशान कभी एक जैसे नहीं हो सकते, ठीक वैसे ही दो जिराफों के शरीर के चकत्ते भी कभी एक जैसे नहीं होते।
9- नर औऱ मादा, दोनों जिराफों के सींग भी होते हैं। हालांकि ये सींग चमड़ी की एक मोटी परत और बालों से ढके होते हैं। अक्सर नर जिराफ दूसरे नरों से लड़ाई में इनका इस्तेमाल आत्मरक्षा और हमला करने के लिए करते हैं।

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