साध्वी ने एक बार फिर दिया विवादित बयान, कांग्रेस नेता को बताया आतंकी

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लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियों के नेता अपशब्द के बाण छोड़े जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद चुनाव आयोग कार्यवाई तो कर रहा है, लेकिन इसमें कमी आने की जगह इजाफा होते जा रहा है. इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी की भोपाल से उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने एक विवादित बयान दिया है. आपको बता दें कि अपने चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता और प्रत्याशी दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा.

गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई हैं, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें मध्यप्रदेश की भोपाल सीट से उम्मीदवार बनाया है. वहीं साध्वी चुनाव प्रचार अभियान के लिए सीहोर इलाके में थीं. इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए ज़िले की बंद पड़ी चीनी मिलों का ज़िक्र किया साथ ही उन्होंने कहा की अपना व्यक्तिगत व्यवसाय बढ़ाने के लिए शुगर और ऑयल मिल्‍स बंद करवाईं. सैकड़ों लोगों को बेरोज़गार कर दिया. ऐसे आतंकी का समापन करने के लिए, बेरोज़गारी को बढ़ावा देने वाले लोगों का समापन करने के लिए फिर से एक संन्यासी को खड़ा होना पड़ा है.

आपको बता दें कि साध्वी ने बिना नाम लिए आगे बोलते हुए कहा कि 16 साल पहले उमा दीदी ने उन्हें हराया था. उसके बाद वो राजनीति नहीं कर पाए. अब जब वो फिर से मैदान में हैं तो उन्हें हराने के लिए एक संन्यासी को आना पड़ा और अब ऐसा समापन होगा कि वह कभी उग नहीं पाएंगे. गौरतलब है कि साध्वी इससे पहले ATS चीफ हेमंत करकरे पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि वो मेरे श्राप से मरा है.

वहीं मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की भोपाल से उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को एनआईए कोर्ट ने राहत दे दी थी. अदालत ने कहा कि वो साध्वी के चुनाव लड़ने से रोकने का अधिकार नहीं रखती है. वहीं कोर्ट ने एनआईए की छानबीन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया था. अदालत ने कहा कि सबूत नहीं थे तो चार्जशीट कैसे दाखिल हुई है?