जेट एयरवेज को खरीद फिर से बहाल करना चाहता है ये युवा बिजनेसमैन

Jet Airways
Grounded planes of Jet Airways are pictured at Chattrapati Shivaji International Airport in Mumbai on April 18, 2019. - Jet Airways shares plunged more than 32 percent on April 18, hours after the Indian carrier's final flight landed following a decision to ground its entire fleet. (Photo by PUNIT PARANJPE / AFP)

भारत की जानी-मानी एयरलाइन्स जेट एयरवेज को आर्थिक संकट जूझने के बाद अस्थायी तौर पर बंद किया जा चुका है. एसबीआई की अगुवाई में बैंकों के कंट्रोल में आ चुकी जेट एयरवेज अब नीलामी प्रक्रिया से गुजरेगी. मगर गौर करने वाली बात ये है कि जीवनदान देने के लिए विदेशी धरती से जेट एयरवेज को एक ऑफर मिला है. आइए जानते हैं कि किसने डूबती हुई जेट एयरवेज को खरीदने की पेशकश की है.

गौरतलब है कि ब्रिटेन के युवा कारोबारी जेसन अंसवर्थ ने जेट एयरवेज को नियंत्रण में लेने की इच्छा जाहिर की है. ज्यादा जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की अलग-अलग एयरलाइन में काम कर चुके जेसन ने साल 2015 में एटमॉस्फेयर इंटरकॉन्टिनेंटल एयरलाइंस नामक स्टार्टअप की स्थापना की थी. इसके तहत वह लंदन स्टैनस्टेड एयरपोर्ट से सेवाएं शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं.

जेसन अंसवर्थ ने अपने कैरियर की शुरुआत वॉलमार्ट शॉपिंग सेंटर के स्टाफ के तौर पर की थी. वॉलमार्ट में उन्होंने अगस्त 2006 से नवंबर 2007 तक नौकरी की.

इसके बाद जेसन ने एविएशन सेक्टर में एंट्री की. यहां उन्होंने Ryanair समेत कई एयरलाइंस के लिए बतौर केबिन क्रू काम किया. लेकिन, एक एयरलाइन चलाने के मामले में वह अनुभवहीन हैं. हालांकि जेसन की कंपनी बैंकॉक, दुबई और भारत के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है.

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जेसन अंसवर्थ ने पहली बार जेट एयरवेज में दिलचस्पी दिखाई है. इससे पहले भी उन्होंने जेट एयरवेज में निवेश करने की इच्छा जाहिर की थी लेकिन बैंकों ने इस बारे में उन्हें कोई जवाब नहीं दिया.

हालांकि अब जेसन अंसवर्थ दावा कर रहे हैं कि वह इस मामले को लेकर जेट एयरवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी के संपर्क में हैं. जेसन के मुताबिक उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री से भी जेट में अपनी रुचि को लेकर समर्थन और सहायता की मांग की है.

जेसन अंसवर्थ की यह पेशकश कर्ज में डूबी जेट एयरवेज के कर्मचारियों और शेयर होल्डर्स के लिए अच्छी खबर है. बता दें कि बैंकों के इमरजेंसी फंड देने से इनकार के बाद जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल को अपनी विमानन सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दी थी.