सरकारी दूरसचांर कंपनी BSNL पर संकट, बैंक लोन लेने की आई नौबत

सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल पर एक मुसीबत आ पड़ी है. बता दें कि भारत संचार निगम लिमिटेड आर्थिक संकट से जूझ रही है, जिसके चलते 1.76 लाख कर्मचारियों को वेतन नहीं दी गई है. वहीं कर्मचारी संघ ने दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर जल्द ही इस समस्या का समाधान करने के लिए कहा है.

आपको बता दें कि बीएसएनएल की करीब 55 फीसदी आमदनी वेतन के भुगतान में जाती है. वहीं कंपनी का सैलरी बिल प्रति वर्ष 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है लेकिन कंपनी की आमदनी स्थिर है. वेतन ना मिलने की वजह बताते हुए एक अंग्रेजी अखबार के लिखा कि कंपनी ने बताया कि मार्च महीने के वेतन में कुछ दिनों की देरी होगी. बीएसएनएल के पास आमतौर पर बिजनेस कंपनियों की ओर से बिलिंग भुगतान के बाद पैसा आता है.

गौरतलब है कि भारत संचार निगम लिमिटेड के बोर्ड ने बैंक लोन लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन दूरसंचार विभाग ने अभी तक इसे आगे नहीं बढ़ाया है. वहीं बीएसएनएल का नुकसान हर साल बढ़ता जा रहा है. इसने वित्त वर्ष 18 के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 17 में यह 4,786 करोड़ रुपये था.

वहीं दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बीएसनएल यूनियन के पत्र का जवाब देते हुए कहा कि, देश के अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर भी वित्तीय संकट का सामना कर रहें है, लेकिन ये कंपनियां निवेश कर स्थिति को मैनेज करने की कोशिश कर रहीं हैं.