थाईलैंड ने प्लास्टिक को किया बाय-बाय, केले के पत्तों में कर रहे हैं पैकिंग

प्लास्टिक मुक्त भारत की बात तो काफी दिनों से चल रही है इन्हें अमल में लाने के लिए पिछले कुछ सालों से देश में कई प्रकार की कोशिश चल रही है. मगर सफल एक भी नहीं हो पाई है.

मगर थाईलैंड ने जो किया है वह सबके लिए एक उदाहरण बनकर आ रहा है. दरअसल, Chiangmai नामक एक मार्केट ने प्लास्टिक रैपर्स की जगह केले के पत्ते का इस्तेमाल शुरु कर दिया है.

थाईलैंड द्वारा इस पहल को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर और लाइक्स मिल रहे हैं.

दुकानदारों का कहना है कि केले के पत्ते प्लास्टिक रैपर्स की जगह इस्तेमाल होने के लिए एकदम उपयुक्त है.

Anyone wish that more Supermarkets were making the effort save on packaging?If SHARING this saves just one plastic bag…

Posted by Perfect Homes Chiangmai on Tuesday, April 2, 2019

जानकारी के मुताबिक इस पहल में बड़े-बड़े ब्रांड भी आगे आए हैं. जो इन आर्गैनिक पैकिंग को सपोर्ट कर रहे हैं.

केले के पत्तों का इस्तेमाल भारत में प्राचीन समय से किया जा रहा है. ऐसे में ये सोचने वाली बात है कि भला हम इन बदलावों को क्यों नहीं अपनाना चाहते हैं. दक्षिण भारत में आज भी लोग केले के पत्तों पर खाना खाते हैं. जानकारों का मानना है कि केले के पत्तों में polyphenols नामक तत्व पाए जाते हैं जो हमारी पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.