झारखंड में दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव के लिए थमा प्रचार

झारखंड में दुमका और बेरमो विधानसभा उपचुनाव के लिए आज शाम को प्रचार को शोर थम गया. 3 नवंबर को दोनों सीट पर वोटिंग होगी. इसके लिए सभी तैयारी कर ली गई है. झारखंड में 2 सीटों दुमका और बेरमो में उपचुनाव हो रहा है. दोनों ही सीटों पर 3 नवंबर को मतदान होंगे और 10 नवंबर को मतगणना होगी. दोनों ही सीट पर सत्ताधारी महागठबंधन और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है. दुमका से बीजेपी की लुईस मरांडी और शिबू सोरेन के पुत्र बसंत सोरेन के बीच टक्कर है तो वहीं बेरमो में बीजेपी के योगेश्वर महतो और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह हैं. दोनों सीट पर चुनाव प्रचार का शोर रविवार शाम को थम गया.

बेरमो और दुमका की जंग

दुमका विधानसभा उप चुनाव में इस सीट पर जेएमएम के बसंत सोरेन हैं और उनके मुकाबला बीजेपी की लुईस मरांडी से है. बता दें कि बसंत सोरेन हेमंत के छोटे भाई हैं. दुमका में 12 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें 7 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. जबकी बेरमो में इस सीट पर कांग्रेस ने इस बार  कुमार जयमंगल को उतारा है. वहीं, उनका मुकाबला बीजेपी के योगेश्वर महतो से है. इस सीट से इस बार 16 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं.

दुमका सीट से हेमंत सोरेन ने दिया था इस्तीफ़ा

दुमका विधानसभा में उपचुनाव जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफा देने के कारण हो रहा है. हेमंत सोरेन ने 2019 के विधानसभा चुनाव में दुमका के अलावा साहिबगंज जिले के बरहेट विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. बाद में संवैधानिक बाध्यता के कारण उन्होंने दुमका सीट से त्यागपत्र दे दिया था.

राजेंद्र सिंह के निधन के बाद बेरमो सीट पर उप चुनाव

बेरमो सीट से विधायक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह का निधन हो गया था, जिसके कारण इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है. लंबी बीमारी के कारण लॉकडाउन अवधि में उनका निधन हो गया. दोनों ही सीटों पर यूपीए का कब्जा था. इसलिए यह उपचुनाव सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ा है. वहीं, मुख्य विपक्षी दल बीजेपी भी उपचुनाव के माध्यम से अपनी खोयी ताकत को प्राप्त करने की कोशिश करेगी.