चिराग के चाचा ने रामविलास पासवान को भारत रत्न देने के लिए नीतीश से अनुशंसा करने का किया आग्रह

पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान (RamVilas Paswan) के परिवार के लोग चाहते हैं कि उन्हें भारत सरकार भारत रत्न दें और साथ ही साथ ही उनके निवास को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करें. शुक्रवार को यह विधिवत मांग राम विलास पासवान के छोटे भाई और पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान के चाचा सांसद पशुपति कुमार पारस ने की.

पशुपति कुमार पारस ने शुक्रवार को अपने पटना स्थित निवास स्थान और पार्टी कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था और उसके बाद संवाददाताओं को सम्बोधित किया. उन्होंने साफ़ किया कि वो पुन: चाहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजनीतिक मतभेदों को भूलकर इस संबंध में अगुवाई करे और केंद्र सरकार को विधिवत रूप से इस संबंध में पत्र लिखकर अनुरोध करे की भारत वर्ष में दलितों की राजनीति के सबसे मज़बूत स्तंभ को मरणोपरांत इस सम्मान से नवाज़ा जाए.

पारस ने हालांकि वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर यह कहकर बोलने से इंकार कर दिया कि वो 20 तारीख़ के बाद बोलेंगे. हालांकि कुछ मीडिया चैनल को उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में उन्हें दो वर्षों तक काम करने का मौक़ा मिला और उन्हें लगता हैं कि कुछ विकास हुआ हैं .

रामविलास पासवान को भारत रत्न मिले और उनके घर को स्मारक घोषित किया जाए, यह मांग पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने उनकी मौत के तुरंत बाद की थी. लेकिन बताया यह जा रहा है कि लुटियंस दिल्ली में अब किसी के घर को सरकारी आवास को स्मारक न घोषित करने की नीतिगत निर्णय हो चुकी है.

हालांकि पारस ने कहा कि राम विलास पासवान देश की राजनीति में वो नेता रहे हैं जिन्होंने मंडल कमीशन की अनुशंसाओं को लागू करने के लिए जिससे पिछड़ों को सरकारी नौकरी में आरक्षण मिला और साथ ही साथ पिछले वर्ष अगड़ों को आरक्षण मिले इस संबंध में भी ना केवल उन्होंने इस मांग का समर्थन किया,  बल्कि सार्थक पहल भी की.