चौकीदार बना तहसीलदार…पढ़ाई के लिए कभी दूध और पेपर था बांटता

उम्र महज 16 साल काम मजदूरी. पढ़ाई का खर्च कैसे निकाला दूध और पेपर बांट कर, दिहाड़ी पर भी काम किया. इसी बीच एक बार नौकरी भी मिली मगर पिताजी की तबीयत खराब होने की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी. लाल साब जब 16 साल के थे.

तब से उन्होंने ककु, कैटेरर, सिक्यॉरिटी गार्ड जैसे काम किए, जिससे कि वह अपनी पढ़ाई जारी रख सकें. 10 वीं की पढ़ाई के दौरान ही लाला साब ने घर-घर जाकर पेपर और दूध पहुंचाया. इसके अलावा कंसट्रक्शन वाली साइट पर ईंट तोड़ने का भी काम किया.

मगर अब खुशी की बात सामने आ रही है. फिलहाल इन्होंने ने आईएएस की परीक्षा पास करना लाल साब का सपना है. उनका कहना है कि वह अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं.

जी हां….कर्नाटक के बागलकोट में एक चौकीदार ने कमाल कर दिखाया है. 28 साल के लाल ने कर्नाटक प्रशासनिक सेवा की मैसूर स्थित अकैडमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं. अब वह जल्द ही तहसीलदार के पद पर तैनात होंगे.

दिहाड़ी और मजदूरी करने वाले एक ‘ चौकीदार’ ने कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमिशन की परीक्षा पास करके यह साबित कर दिया है कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है. यह चौकीदार जल्द ही तहसीलदार के पद पर तैनाती लेगा.

जम्मू कश्मीर राइफल्स में तैनात सालाबत खान शुरुआत में लाल साब की मदद किया करते थे और उनकी फीस जमा कर देते थे. लेकिन शादी और बच्चे होने के बाद सालाबत के हाथ भी बंध गए. जिसके चलते पढ़ाई का खर्च उठाने का जिम्मा लाल साब पर आ गया.

लाल साब ने जब काम छोड़ा तो सीनियर ने कारण पूछा तो लाल साब ने बताया किय उन्होंने परीक्षा पास कर ली है तो उनके सीनियर के नीचे से मानो जमीन खिसक गई. वह बेहद खुश हुए और लाल साब को बड़ी शानदार फेयरवेल पार्टी दी.