डीजीपी ने कि शिकायत, लड़कियां घर से लड़कों के साथ बाहर चली जाती हैं और रिपोर्ट होती है किडनैपिंग की

“लड़कियां स्वतंत्र हो रही हैं , स्कूलों और कॉलेज में जा रही हैं। वहां पर उनका लड़कों से मिलना जुलना हो रहा है। और यही कारण है कि किडनैपिंग के अपराध ज्यादा दर्ज हो रहे हैं। वो घर से चली जाती हैं और फिर रिपोर्ट होती है कि’डनैपिंग की” ऐसा कहना है मध्यप्रदेश के डीजीपी वीके सिंह का। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पास आखिरी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2016 में मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध और अपहरण के 6016 मामले सामने आए हैं। डीजीपी का ये बयान ग्वालियर चंबल दौरे के दौरान आया है जब वो महिला संबंधी अपराधों पर जागरूकता के लिये तीन दिनों के संभाग के दौरे पर हैं। एक तरफ जहाँ हम हर रोज महिलाओं की आजादी और बराबरी की बात कर रहें तो वहीँ जिनके जिम्मे सुरक्षा का भार है उनका ऐसा बयान निंदनीय है।

ndtv की एक खबर के मुताबिक़ पुलिस प्रमुख की इस टिप्पणी पर राज्य के गृह मंत्री बाला बच्चन ने कहा, ” अपराध नहीं बढ़ना चाहिये, पहले तो अपराध होना ही नहीं चाहिये। हमारी समीक्षा बैठक में, सरकार की मंशा स्पष्ट कर दी गई कि यदि किसी थाना क्षेत्र में कोई घटना होती है तो वहां के छोटे कर्मी से लेकर बड़े अधिकारी तक ज़िम्मेदार होंगे। हम कसावट करने में लगे हैं हम सब मध्यप्रदेश की जनता की हिफाजत और सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध हैं। ” ये बयान तब आया है जब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आठ साल की एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार और हत्या का मामला सामने आया है।

हालाँकि भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राहुल कोठारी ने इस गैर जिम्मेदाराना बयान बताया है। उन्होंने पुलिस को नसीहत दिया है कि पुलिस को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि अपराध कैसे रोके जाए।