Top : ‘धौनी ने अपनी कप्तानी में सचिन, वीरू और मेरे साथ किया था ऐसा’ : गंभीर

आपको बताते चलें कि बीते विश्व कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन इस दौरान धौनी को धीमी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने महेंद्र सिंह धौनी के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर हो रही चर्चा पर अपना विचार रखा है। गंभीर ने राजनीति का रुख जरूर कर लिया है लेकिन वो क्रिकेट से जुड़े अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखते रहते हैं। विश्व कप 2019 के बाद से लगातार इस पर चर्चा हो रही है कि महेंद्र सिंह धौनी कब तक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेंगे। वीरेंद्र सहवाग के बाद अब गौतम गंभीर ने भी इस पर अपना पक्ष रखा है।

गंभीर की माने तो इस बारे में इमोशनल नहीं बल्कि प्रैक्टिकल होकर सोचना चाहिए। धौनी फिलहाल 38 साल के हो चुके हैं और कई दिग्गज क्रिकेटरों का मानना है कि अब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से अलविदा कह देना चाहिए। बीते विश्व कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन इस दौरान धौनी को धीमी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।

गंभीर की माने तो इस बारे में इमोशनल नहीं बल्कि प्रैक्टिकल होकर सोचना चाहिए। धौनी फिलहाल 38 साल के हो चुके हैं और कई दिग्गज क्रिकेटरों का मानना है कि अब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से अलविदा कह देना चाहिए। बीते विश्व कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन इस दौरान धौनी को धीमी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
सीबी सीरीज में कप्तानी के दौरान धौनी ने ऐसा किया था

धौनी ने 9 मैचों में 273 रन बनाए, लेकिन इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज 87.78 रहा। गंभीर ने टीवी9 भारतवर्ष पर कहा, ‘यह जरूरी है कि आप भविष्य के बारे में सोचें और जब धौनी खुद कप्तान थे, तो उन्होंने भविष्य को लेकर फैसले लिए थे। मुझे याद है कि ऑस्ट्रेलिया में धौनी ने सीबी सीरीज से पहले कहा था कि मैं, सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग इसमें नहीं खेल सकते हैं क्योंकि मैदान बड़े थे। उनका मानना था कि अगले विश्व कप के लिए युवा क्रिकेटरों को टीम में जगह दी जाए। इस पर प्रैक्टिकल फैसला लेना चाहिए ना कि इमोशनल होकर।’

‘इस तरह तैयार किया जाए नया विकेटकीपर बल्लेबाज’

गंभीर का मानना है कि 2023 विश्व कप के लिए टीम इंडिया को नए विकेटकीपर बल्लेबाज को तैयार करना चाहिए। गंभीर ने कहा, ‘भारत के पास अब मौका है कि युवा क्रिकेटरों को खेलने का मौका दिया जाए। वो चाहे ऋषभ पंत हो, संजू सैमसन हो या इशान किशन हों। इन विकेटकीपर बल्लेबाजों को मौका मिलना चाहिए और देखना चाहिए कि किसमें कितना दम है। सभी को डेढ़ साल का समय मिलना चाहिए और अगर अच्छा प्रदर्शन ना करें तो दूसरे को मौका दिया जाना चाहिए।’