जानिए क्यों संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख ने भारत को दी चेतवानी

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार कुछ पहलु पर घिरती नज़र आ रहीं हैं. एक तरफ बुधवार को जब देश में बेरोज़गारी का आंकड़ा सामने आया, तो पता चला देश में पिछले 2.5 साल में बेरोज़गारी सबसे उच्चतम स्तर पर हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने भारत को चेतावनी दी है कि उसकी “विभाजनकारी नीतियां” आर्थिक विकास को कमजोर कर सकती हैं, साथ ही कहा कि संकीर्ण राजनीतिक एजेंडे ने पहले ही सामाजिक स्तर पर कमज़ोर लोगों को हाशिये पर खड़ा कर दिया हैं.

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख, मिशेल बचेलेट ने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि हमे ऐसी जानकारियां प्राप्त हो रही हैं, जिसमे भारत के अल्पसंख्यकों को निशाना बना कर उन पर अत्याचार और उत्पीड़न किया जा रहा हैं. जिसका निशाना ख़ास कर मुस्लिम,दलित और आदिवासी हो रहें है.

 

वहीं बीजेपी के तरफ से मिचेल की इस टिप्पणी को आधारहीन बताया जा रहा है. पार्टी का कहना है, ये सब सबित करने के लिए कोई तथ्य नहीं है.

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गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि, वो संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की इस रिपोर्ट को नहीं मानते है. उन्होंने कहा कि ये आधारहीन आरोप भारत की छवि धूमिल करने के लिए लगाया जा रहा हैं. भारत मुस्लिम के लिए सबसे अच्छा देश है, वही सारे हिन्दू, मुस्लिमों के सबसे अच्छे दोस्त.

बचेलेट का बयान एमनेस्टी इंटरनेशनल के एक कार्यक्रम के बाद आया, इस कार्यक्रम में बताया गया कि 2018 में परेशान कर देने वाले आंकड़े मिल रहें थें. जिसमे समाज के निचले स्तर पर रह रहें, लोगों के साथ बलात्कार और हत्या सहित अन्य अपराधों की संख्या बढ़ते हुए दर्ज की थी.