क्या आपको भी खुल कर नहीं आते पीरियड्स, इस नुस्खो से करें समस्या दूर

बदलते लाइफस्टाइल के चलते महिलाओं पर तनाव इतना हावी होता जा रहा है, कि इससे लाइटर पीरियड्स(Light period) की समस्या हो रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि इससे महिलाओं में अर्ली मेनोपॉज का खतरा बना रहता है. आपको बता दें, इस लाइट ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं. आज हम आपको इन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं. तो चलिए जानते हैं वो कौन-से कारण है, जो लाइटर पीरियड्स का कारण बनते हैं और इसे कैसे दूर किया जाए.

सबसे पहले हम जानेंगे क्या है लाइटर पीरियड्स?

बता दें, पीरियड्स के दौरान होने वाली ब्लीडिंग शरीर में जमी गंदगी को दूर करने का काम करती है. पीरियड्स का सही से होना शरीर के लिए बहुत जरूरी है. महिलाओं का गलत खान पान और गलत लाइफस्टाइल के चलते पीरियड्स को प्रभावित करता हैं, जिसके चलते उनकी ब्लड क्लॉटिंग कम हो जाती है. कुछ महिला ऐसी भी है जिन्हें 1-2 दिन से ज्यादा मास्क स्त्राव होती ही नहीं, अगर आप भी उनमें से एक है तो ये बात आपको भी परेशान कर सकती है. इससे आप ना सिर्फ गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकती हैं बल्कि यह अर्ली मेनोपॉज का खतरा भी बढ़ाती है.

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इसके कारण

वजन बढ़ना या घटना
लाइटर पीरियड्स का एक कारण वजन का घटना या बढ़ना भी हैं. दरअसल, वजन कम होने या बढ़ने पर हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है, जिसके कारण पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम हो जाती है.

ज़्यादा एक्सरसाइज करना
जो महिलाएं लगातार भारी एक्सरसाइज करती हैं या वर्कआउट करती हैं, उन्हें भी कई बार ऐसी दिक्क्तें आ जाती है. इसके अलावा जो महिलाएं अधिक एनर्जी ड्रिंक पीती हैं, उन्हें भी पीरियड्स खुलकर ना आने की समस्या हो सकती है.

तनाव
महिलाओं के अधिक तनाव में रहने पर भी मस्तिष्क मासिक धर्म चक्र (Brain menstrual cycle) हार्मोन को बदल देता है, जिसके कारण पीरियड खुलकर नहीं आता। इतना ही नहीं, लगातार स्ट्रेस में रहने से मेनोपॉज और पीरियड्स की अनियमितता भी हो सकती है. हालांकि जब तनाव कम हो जाता है तब पीरियड फिर से सामान्य हो जाता है.

बर्थ कंट्रोल पिल्स
बर्थ कंट्रोल पिल्स भी पीरियड्स के खुलकर ना आने का कारण बन सकता है. शायद ये बात आपको ना पता हो कि गर्भनिरोधक गोलियां शरीर में पर्याप्त अंडा नहीं बनने देती हैं, जिसके कारण लाइट पीरियड की समस्या हो सकती है.

खून की कमी
जिन औरतों में खून की कमी या एनीमिया की शिकायत होती है, उन्हें भी पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम होती है. ऐसे में आपको अपनी डाइट पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए.

पर्याप्त नींद ना लेना
एक बॉडी को ज़रूरी है 8 से 9 घंटे की नींद। स्वस्थ नींद न लेने के कारण शरीर पर्याप्त मात्रा में कार्टिसोल का उत्पादन करता है. ये एक स्ट्रेस हार्मोन है, जो मासिक धर्म को प्रभावित करता है. कम ब्लीडिंग के साथ पीरियड्स अनियमित होने का कारण भी बनता है.

इस नुस्खो को अपनाए

गाजर
आयरन और विटामिन से भरपूर गाजर का सेवन ना सिर्फ हार्मोंस को बैलेंस करता है, बल्कि इससे खून की कमी भी पूरी होती है, जिससे पीरियड्स खुलकर आते हैं.

दालचीनी
दालचीनी पाउडर को पानी में उबाल कर पीने से भी पीरियड्स खुलकर आते हैं. आप चाहे तो 1 गिलास गर्म दूध में थोड़ी-सी दालचीनी मिलाकर भी पी सकते हैं.

पपीता
रोजाना 200 ग्राम पपीते खाने से शरीर में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, जिससे मासिक धर्म खुल कर आना शुरू हो जाता है.