पूर्व IAF चीफ ने बताया- आखिर क्यों अभिनंदन की रिहाई पर बातचीत के दौरान घबराए हुए थे पाक आर्मी जनरल

भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Wing Commander Abhinandan Varthman) की रिहाई का मुद्दा फिर से उठने पर रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा कि पाकिस्तान के पास विंग कमांडर को भारत के पास वापस लौटाने के अलावा और कोई विकल्प भी नहीं था. पिछले साल फरवरी में कमांडर अभिनंदन वर्धमान का MiG-21 पाकिस्तान में गिर गया था. यहां भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमले किए थे. वो कुछ विमानों को खदेड़ रहे थे, तभी उनका लड़ाकू विमान पाकिस्तान में गिर गया था और उन्हें पाकिस्तानी सेना ने बंधक बना लिया था. हालांकि, इसके पहले अभिनंदन पाकिस्तान के लड़ाकू जेट F-16 को नष्ट करने में कामयाब रहे थे

दरअसल, पाकिस्तानी संसद में एक पाकिस्तानी सांसद ने अपने विपक्षी नेताओं को बताया था कि कैसे अभिनंदन वर्धमान की रिहाई को लेकर दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तानी सेना के जनरल क़मर जावेद बाजवा कांप रहे थे और पसीने से तरबतर थे. इसे ही लेकर बीएस धनोआ का बयान आया है.

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश के आतंकी हमले-जिसमें 40 भारतीय जवानों ने जान गंवाई थी-का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन के एक कैंप पर हमला किया था. इसके 24 घंटों के बाद ही पाकिस्तान और भारत के बीच एक हवाई लड़ाई शुरू हो गई थी.

बीएस धनोआ ने विंग कमांडर के पिता से क्या कहा था?

बीएस धनोआ ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि ‘मैं और अभिनंदन के पिता लंबे समय से एक दूसरे को जानते हैं. हमने फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर का कोर्स साथ में किया था. जब अभिनंदन पाकिस्तान के कब्जे में आया, तो मुझे करगिल युद्ध के फ्लाइट कमांडर आहूजा की याद आई. उन्हें पाकिस्तान ने पकड़ लिया था और ग्राउंड पर गोली मारी थी, तो मेरे दिमाग में वो चल रहा था. मैंने उनसे बोला, ‘सर, मैं जानता हूं कि हम आहूजा को वापस नहीं ला पाए, लेकिन हम अभिनंदन को जरूर वापस लाएंगे.’ स्क्वॉड्रन लीडर अजय आहूजा जो MiG-21 उड़ाते थे, 1999 में पाकिस्तानी सेना द्वारा पकड़े गए थे. उनके फाइटर जेट को पाकिस्तानी सेना ने गिरा दिया था फिर उन्हें गोली मारी गई थी.

बता दें कि पाकिस्तानी संसद नेशनल असेंबली में एक भाषण में, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (पीएमएल-एन) के नेता अयाज़ सादिक ने विपक्षी नेताओं को बताया कि शाह महमूद कुरैशी ने संसदीय नेताओं की एक बैठक, जिसमें पीपीपी और पीएमएल-एन के नेता और सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा भी शामिल थे, में विंग कमांडर वर्द्धमान को मुक्त करने के लिए कहा था. उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि शाह महमूद कुरैशी उस बैठक में थे जिसमें इमरान खान ने भाग लेने से इनकार कर दिया था और सेनाध्यक्ष जनरल बाजवा कमरे में आए थे, उनके पैर काँप रहे थे और उन्हें पसीना आ रहा था. विदेश मंत्री ने कहा था, अभिनंदन वर्द्धमान को जाने दीजिए, नहीं तो रात 9 बजे तक भारत पाकिस्तान पर हमला करने वाला है.’

‘मीठा बोलो और हमेशा अपने पास बड़ी सी छड़ी रखो’

इसपर बीएस धनोआ ने कहा कि पाकिस्तान भारत की क्षमता को जानता था, ऐसे में वो विंग कमांडर वर्धमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकते थे. उन्होंने कहा, ‘इसके दो पहलू हैं. पाकिस्तान पर पहले तो कूटनीतिक और राजनीतिक प्रेशर था. लेकिन उसे सेना का रुख भी देखना था. जिस तरीके से वो (अयाज़ सादिक़) कह रहे हैं कि उनके (जनरल बाजवा) के पैर कांप रहे थे, ऐसा क्योंकि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स सभी उस वक्त मुद्दे को लेकर आक्रामक थे.’

पूर्व चीफ मार्शल ने कहा, ‘और खु़दा न खास्ता उन्होंने 27 फरवरी को हमारे इंस्टॉलेशन पर हमला कर दिया होता, तो हम उनके फॉरवर्ड ब्रिगेड को पूरी तरह साफ कर देने की स्थिति में थे. उन्हें हमारी क्षमता का पता है. सीधे-सीधे, हम उनपर हमला कर सकते हैं, ये उनके दिमाग में है, तो वो पहले अपनी सेना की क्षमता पर नजर डालेंगे. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूज़वेल्ट कहा करते थे कि ‘मीठा बोलो और हमेशा अपने पास बड़ी सी छड़ी रखो’. तो बड़ी सी छड़ी सेना थी.’

बता दें कि पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने MiG-21 स्क्वॉड्रन में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के पिता के साथ अपनी सेवाएं दी थीं, जो बतौर एयर मार्शल रिटायर हुए थे. विंग कमांडर अभिनंदन 1 मार्च, 2019 को स्वदेश लौट आए थे. चोटें पूरी तरह ठीक होने और इस घटना के छह महीनों के भीतर ही वो फिर कॉकपिट में लौट आए थे.