गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, अगर BJP से सांठ-गांठ साबित हुई तो इस्तीफा देने को तैयार: सूत्र

कांग्रेस में पार्टी नेतृत्व की मांग को लेकर घमासान मचा हुआ है. सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक हो रही है. इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से लिखी गई एक चिट्ठी को लेकर राहुल गांधी ने एक बयान दिया है, जिसे लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, यहां तक कि पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने इस्तीफे की बात तक कर दी है. राहुल गांधी ने इस चिट्ठी के इरादों के पीछे संदेह जताते हुए कहा कि यह चिट्ठी बीजेपी के साथ सांठगांठ में लिखी गई है. सूत्रों के मुताबिक, गुलाम नबी आज़ाद ने इस बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ‘अगर बीजेपी से सांठगांठ की बात साबित हो जता है तो वो पार्टी से इस्तीफा दे देंगे.’

वहीं दूसरे वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी राहुल गांधी के इस बयान पर नाराजगी जताई है. उन्होंने सीधे ट्विटर पर अपना गुस्सा निकाला है. सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा, ‘ राहुल गांधी कहते हैं कि हमारी बीजेपी के साथ सांठ-गांठ है, मैंने राजस्थान हाईकोर्ट में पार्टी को सफलता दिलाई. मणिपुर में बीजेपी के खिलाफ पूरी ताकत से पार्टी का बचाव किया. पिछले 30 सालों में बीजेपी के पक्ष में एक भी बयान नहीं दिया. फिर भी हम पर बीजेपी से सांठ-गांठ का आरोप लग रहा है.’

दरअसल, इस बैठक में राहुल गांधी ने सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र की टाइमिंग को लेकर गुस्सा जताया था. उन्होंने पार्टी में नेतृत्व के मुद्दे पर सोनिया गांधी को पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि जिस वक्त पत्र भेजा गया उस समय सोनिया गांधी बीमार थी. उन्होंने पत्र के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘जब कांग्रेस मध्य प्रदेश और राजस्थान के सियासी संकट का सामना कर रही थी, जब अध्यक्ष बीमार थी, तब ही चिट्ठी क्यों भेजी गई.’ उन्होंंने यह भी कहा कि चिट्ठी बीजेपी के साथ सांठगांठ में लिखी गई है.