गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का हुआ 63 साल की उम्र में निधन, राष्ट्रपति ने जताया शोक

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का रविवार को निधन हो गया. पर्रिकर पिछले एक साल से अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे. उनका इलाज अमरीका के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित एम्स और मुंबई के एक निजी अस्पताल में चल रहा था.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर पर्रिकर के निधन की जानकारी दी.

आपको बता दें कि मनोहर पर्रिकर मोदी सरकार में रक्षा मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ही इस्तीफ़ा दिया था और चौथी बार 14 मार्च 2017 को गोवा के मुख्यमंत्री बनाए गए थे.

गौरतलब है कि पर्रिकर लंबे समय से अपनी बीमारी का इलाज करा रहे थे. 13 दिसंबर 1955 को पैदा हुए पर्रिकर गोवा में बीजेपी के दिग्गज नेता थे. उनके नाम कई उपलब्धियां हैं. वह ना सिर्फ बीजेपी से गोवा के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता हैं बल्कि मोदी सरकार में रक्षा मंत्री का पद भी संभाला. उन्हीं के कार्यकाल में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की थी.

उन्होंने मडगांव के लोयला हाई स्कूल से पढ़ाई की और आईआईटी मुंबई से 1978 में मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की.

पर्रिकर ने शुरूआती शिक्षा के बाद ग्रेजुएशन के लिए आईआईटी बॉम्बे का रुख किया. उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया.

मनोहर पर्रिकर भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले ऐसे पहले शख्स हैं जिन्होंने आई.आई.टी. से ग्रेजुएशन किया.

मुख्यमंत्री बनने के बाद एक बड़े दुःख का सामना करना पड़ा था. साल 2001 में उनकी पत्नी मेधा की मृत्यु हो गई. उनके दो बेटे हैं उत्पल और अभिजीत.

पहली बार उनकी सरकार केवल दो साल ही चल पाई.

जून 2002 में दोबारा वह गोवा के सीएम बने और 2005 तक उनकी सरकार चली.

29 जनवरी, 2005 को बीजेपी के 4 नेताओं के इस्तीफे की वजह से पर्रिकर की सरकार अल्पमत में आ गई थी.

पर्रिकर ने बहुमत होने का दावा किया और फरवरी 2005 में उन्होंने बहुमत साबित भी कर दिया. मगर कुछ वजहों से उन्हें अपना सीएम पद छोड़ना पड़ा.