सोना पीक से 4813 रुपये तक हो चुका है सस्ता

बीते हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। कोरोना के बढ़ते मामले, भारत-चीन में बढ़ता तनाव और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से दोनों कीमती धातुओं में तेजी का रुख रहा। हालांकि, सोना अपने ऑल टाइम हाई 56254 रुपये प्रति 10 ग्राम से अब तक 4813 रुपये तक गिर चुका है। वहीं चांदी 76008 रुपये प्रति किलो से 65424 रुपये पर आ गई है। इसके बावजूद मार्केट एक्सपर्ट का अनुमान है कि अगर डॉलर में तेजी आएगी तो लॉन्ग टर्म में सोने के दाम और तेजी से बढ़ेंगे। यानी अगले साल तक सोना 60 से 70 हजार रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकता है।

सितंबर के पहले हफ्ते में सोने की कीमत जहां 469 रुपये गिरी थी, वहीं चांदी में 3965 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं दूसरे हफ्ते में सोने-चांदी की चमक बढ़ी और इस दौरान 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड के हाजिर भाव में 423 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं चांदी 407 रुपये प्रति किलो मजबूत हुई।

बीते हफ्ते ऐसी रही सोने-चांदी की चाल

तारीख सोने का रेट (रुपये/10 ग्राम) चांदी का रेट (रुपये/ किलो ग्राम)
11 सितंबर 2020 51441 65424
10 सितंबर 2020 51476 66091
09सितंबर 2020 51051 64547
08 सितंबर 2020 51075 64825
07सितंबर 2020 51018 65017

स्रोत: IBJA

68 हजार रुपये तक पहुंच सकता है सोने का रेट

विशेषज्ञों का कहना है कि सोने का दाम एक साल में 68 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पहुंचने की संभावना है। जबकि इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय कीमत 2450 डॉलर प्रति औंस पहुंच जाने की संभावना है जो अभी करीब दो हजार डॉलर प्रति औंस के करीब चल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में कटौती और शेयर बाजार में ज्यादा जोखिम होने की वजह से निवेशक सोने के सबसे सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। साथ ही सोने ने रिटर्न के मामले में भी निवेशकों को निराश नहीं किया है और एक साल में 30 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।

सोने की कीमतों तेजी की ये है वजह

एंजल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता का कहना है कि मौजूदा समय में भारत-चीन और अमेरिका-चीन के साथ ही चीन का कई देशों के साथ तनाव चल रहा है। ऐसे में दुनियाभर में अनिश्चतता का माहौल है। वहीं दूसरी ओर कोरोना के प्रसार पर भी बहुत ज्यादा अंकुश नहीं लग पाया है। इस स्थिति में निवेशक सोने को ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। गुप्ता का यह भी कहना है कि कोरोना की वजह से अभी भी उपभोक्ता सोना खरीदने के लिए स्टोर पर बहुत कम जा रहे हैं। लेकिन वह घर बैठे ई-गोल्ड के जरिये सोने में निवेश कर रहे हैं। यही वजह से कोरोना शुरू होने के बाद ई-गोल्ड के निवेश में बहुत तेजी आई है और सोने की कीमतों तेजी देखने को मिल रही है।