अच्छे फैट अच्छी सेहत के लिए जरूरी हैं……

अच्छी सेहत के लिए शरीर को अनेक तरह के पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। यह भी जरूरी होता है कि पोषक तत्वों के अनुपात में संतुलन हो। ऐसा ही एक पोषक तत्व है हेल्दी फैट, जिसके बारे में बता रही हैं मोनिका अग्रवाल

ऐसा तो नहीं कि आप वजन कम करने के चक्कर में फैट का सेवन बिल्कुल नहीं करते या कम करते हैं? अगर ऐसा है, तो यह कदम सेहत के लिए ठीक नहीं है। जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार जरूरी है, उसी प्रकार हेल्दी फैट भी आवश्यक है। ये हेल्दी फैट मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होते हैं, जो हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर रखते हैं।

 ये एलडीएल यानी लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल को कम कर इंसुलिन और रक्त के स्तर को संतुलित रखते हैं। मोनोसैचुरेटिड फैट सूजन और हृदय से संबंधित खतरे को कम कर उसे पोषक तत्व प्रदान करता है। ओमेगा-3 और 6 फैटी एसिड जैसे पॉलीअनसैचुरेटिड फैट दिमाग के कार्य और कोशिकाओं की वृद्धि के लिए फायदेमंद होते हैं।

 नट्स हमारी रोजमर्रा की डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत अखरोट, बादाम, पिस्ता और काजू जैसे मेवे आते हैं। ये सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं होते, बल्कि पावर बैंक के जैसे काम करते हैं, जो हमें ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ फाइबर, प्रोटीन, मिनरल्स और अनसैचुरेटिड फैट्स भी देते हैं। इनमें मैंगनीज, सेलेनियम, मैग्नीशियम आदि भी होते हैं। इनके इस्तेमाल से त्वचा कैंसर और बालों की समस्या से भी बचाव होता है। इनमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो ब्लड क्लॉट के खतरे को कम करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोज लगभग 28 ग्राम मिश्रित सूखे मेवे खाने चाहिए।

 सनफ्लावर, फ्लैक्स और चिया सीड में उच्च वसा पायी जाती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई की प्रचुरता होती है। इनसे त्वचा में

 व सूजन की समस्या भी कम होती है। इनसे त्वचा संबंधी समस्याओं से भी बचाव होता है। रोज एक चम्मच सीड्स को साबुत या पाउडर के रूप में दही, सलाद, सूप आदि में मिला कर सेवन कर सकते हैं।

 यह स्वास्थ्य और त्वचा के लिहाज से काफी फायदेमंद  है।  यह हेल्दी फैट्स, एंटीऑक्सिडेंट्स व विटामिन ई से भरपूर होता है। प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट्स होने के कारण इसे त्वचा का सुरक्षा कवच  माना जाता है, क्योंकि यह त्वचा की कोशिकाओं को दोबारा बनने में मदद करता है। इससे त्वचा  जवां और खिली-खिली रहती है।

 सामन, टूना, सार्डिन्स आदि मछलियां हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत होती हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड बहुत मात्रा में होता है। इनके सेवन  से  दिल के दौरे की आशंका भी काफी कम हो जाती है। इनकी मात्रा आप अपनी खुराक के आधार पर तय करें।

 जैतून के तेल यानी ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल किसी भी रूप में करें, स्वास्थ्य के लिए यह खूब फायदेमंद साबित होता है। 100 ग्राम जैतून से आप लगभग 6.67 ग्राम फैट्स व 13.3 ग्राम फाइबर पा सकते हैं। जैतून का सेवन सलाद के रूप में भी किया जा सकता है और इसके तेल का इस्तेमाल सब्जी में भी किया जा सकता है। जैतून के तेल से शरीर की मालिश भी कर सकते हैं, क्योंकि इससे रक्त का संचार बेहतर होता है।

 संपूर्ण आहार के रूप में लोकप्रिय अंडे शरीर को खूब पोषण प्रदान करते हैं। एक अंडे में लगभग 6 ग्राम फैट यानी वसा होती है, जो शरीर के लिए बहुत  फायदेमंद  है। हर रोज ब्रेकफास्ट में एक या दो अंडे का सेवन किया जा सकता है। इसमें पायी जाने वाली वसा सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है।

 जितने भी प्रकार के डेयरी प्रोडक्ट हैं, उनमें से दही को हेल्दी फैट्स वाले दुग्ध उत्पाद की श्रेणी में रखा गया है। यह स्वस्थ और महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होता है। फैट्स  के उत्तम स्रोत के रूप में प्रचलित दही कैल्शियम, प्रोटीन, लैक्टोज ,आयरन, फॉस्फोरस जैसे  तत्वों का भी अच्छा स्रोत है। दही कोलोन कैंसर को रोकने में भी मददगार साबित होता है। दही में कुछ मिलाकर खाना पसंद है, तो चीनी की जगह नमक लें।

 पनीर एक हेल्दी फैट वाला आहार है। लगभग 60 ग्राम पनीर में 6 ग्राम प्रोटीन होता है। इतना प्रोटीन एक गिलास दूध से मिल पाता है। पनीर को कैल्शियम, विटामिन ई12, फॉस्फोरस और सेलेनियम का महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है। यह अनेक पोषक तत्वों से परिपूर्ण है, जो आपको  कैंसर के जीवाणुओं से भी सुरक्षित रखता है। पनीर में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड डायबिटीज के रोगियों के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

 चॉकलेट का नाम सुनते ही बच्चे हों या बड़े, सबका मन ललचाने लगता है। वैसे तो इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह माना जाता है, लेकिन डार्क चॉकलेट को खूबियों से भरपूर माना जाता है। यह एक हेल्दी  फैट्स  का अच्छा स्रोत है और एंटीऑक्सिडेंट गुणों से भरपूर भी। डार्क चॉकलेट में एक वानस्पतिक यौगिक एपिकैटचिन होता है, जो मांसपेशियों को  क्रियाशील रखता है। चॉकलेट हृदय की धड़कन को सामान्य रखने में भी फायदेमंद है।

 हेल्दी फैट्स की बात हो और टोफू की बात ना हो, ऐसा हो नहीं सकता। टोफू को शाकाहारियों के लिए वरदान माना गया है। शोधों से पता चला है कि यह मीट का एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह उच्च प्रोटीन से युक्त आहार है। इसमें अमीनो एसिड और आइसोफ्लेवोनीस पाया जाते हैं, जिससे मांसपेशियां तेजी से विकसित होने लगती हैं। सिर्फ आधे कप टोफू से 10 ग्राम प्रोटीन और  88 कैलरी एनर्जी प्राप्त होती है। इसको जिंक, आयरन, सेलेनियम, पोटैशियम समेत कई विटामिन और मिनरल का भी अच्छा स्रोत माना जाता है।

 हेल्दी फैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में वृद्धि करता है, जिससे सूजन को कम करने, रक्त का थक्का जमने, त्वचा को स्वस्थ रखने, हड्डियों को मजबूत करने और शरीर के तापमान को सामान्य रखने में मदद मिलती है। इसलिए अपने लिए जरूरी हेल्दी फैट और उसे प्राप्त करने के तरीके के बारे में अपने आहार विशेषज्ञ से बात करें।