विदेशी मेहमान, शाही परिवार और आलीशान द्वीप, ऐसा था गांधी परिवार द्वारा मनाया गया हॉलीडे

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पिछले कुछ दिनों की बात करें तो पीएम मोदी लगातार गांधी परिवार पर निशाना साध रहे हैं. इसी कड़ी में कल उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान से राजीव गांधी पर एक नया आरोप लगाया है.

दरअसल, पीएम ने दावा किया है कि राजीव गांधी जब पीएम थे, तब उन्होंने फैमिली हॉलीडे के दौरान आईएनएस विराट का टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया. जानें माने न्यूज ग्रुप ने 31 जनवरी 1988 को गांधी परिवार की उस ‘छुट्टी’ का पूरा ब्यौरा बता दिया था. इस ब्यौरे में एक-एक चीज का जिक्र किया गया है.

रिपोर्ट में किए गए दावों के अनुसार उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1987 में नए साल का जश्न मनाने के लिए अपने पूरे परिवार और खास मित्रों के साथ एक बेहद खूबसूरत द्वीप गए थे.

इस द्वीप को बंगाराम नाम से जाना जाता है. दक्षिण भारत में कोचीन से 465 किलोमीटर पश्चिम की ओर लक्षद्वीप के पास स्थित यह बेहद खूबसूरत आईलैंड है. इस शानदान वीकेंड में राजीव गांधी के मित्रों में अमिताभ बच्चन और उनका परिवार भी शामिल था.

गांधी परिवार के द्वारा नियोजित इस गोपनीय दौरे को मीडिया से छिपाने की तमाम कोशिश की गई थी. लेकिन फिर भी मीडिया को  इसकी भनक लग गई, जब राहुल गांधी ने अपने चार दोस्तों के साथ लक्षद्वीप प्रशासन के नारंगी और सफेद रंग के एक हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी. छुट्टी पर अलग-अलग कई समूहों में लोग इस द्वीप पर पहुंचे थे.

राजीव गांधी द्वारा नियोजित इस वीकेंड में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गांधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, सोनिया की मां आर माइनो, उनके भाई और मामा शामिल थे.

इस दौरे में राजीव गांधी के बेहद खास दोस्त अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और 3 बच्चे शामिल थे. तीन बच्चों में अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी भी शामिल थीं, जो कि फॉरेन एक्सचेंज रेग्यूलेशन एक्ट (FERA) का उल्लंघन करने के मामले में फंसी थीं.

मगर ये दो परिवार उस द्वीप पर अकेले नहीं थे. इनके अलावा एक और परिवार इस टूर में शामिल था, जिनका नाम बिजेंद्र सिंह था. बिजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुन सिंह के भाई थे. इसके अलावा दो विदेशी मेहमान भी इस आलीशान पार्टी में शामिल थे.

रिपोर्ट के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि पूर्व पीएम राजीव और सोनिया 30 दिसंबर की दोपहर में ही इस खूबसूरत द्वीप पर छुट्टी मनाने पहुंच गए थे, जबकि अमिताभ बच्चन एक दिन के बाद यहां कोचीन-कावारत्ती हेलिकॉप्टर से पहुंचे थे.

वहीं दूसरा शाही बच्चन परिवार चार दिन पहले प्रियंका और अपने बच्चों के साथ पहुंची थीं. वजह का खुलासा नहीं हो पाया है मगर बंगाराम द्वीप पर अमिताभ बच्चन के आने की खबर को भी छिपाने की कोशिश की गई थी.

लेकिन 31 दिसंबर को बंगाराम से कुछ दूरी पर स्थित एक अन्य आईलैंड कावारत्ती पर अमिताभ के हेलिकॉप्टर को ईंधन भराने के लिए उतरना पड़ा. इसमें 50 मिनट लगे. इसके बाद ये बात जगजाहिर हो गई. छुट्टियां मनाकर वापस लौटते वक्त अमिताभ बच्चन को इंडियन एक्सप्रेस के फोटोग्राफर ने कैप्चर कर लिया. इस पर अमिताभ नाराज हो गए. उन्होंने फोटोग्राफर को चेतावनी भी दी थी.

छुट्टियों पर गए सारे शाही परिवार वीकेंड को जमकर एंजॉय कर रहे थे. इतना ही नहीं स्वीमिंग, सनबाथ से लेकर फिशिंग तक, सभी इस शानदार द्वीप पर अपना पूरा समय बेहद इत्मिनान के साथ और लुत्फ उठाते हुए बिता रहे थे.

पिकनिक मनाने के लिए पास ही मौजूद दो और द्वीप थिन्नकारा और पारिल में भी ये लोग गए थे. राजीव, राहुल और प्रियंका जहां बेहद साफ नीले पानी का आनंद उठा रहे थे, वहीं सोनिया गांधी अस्थमा के डर से अपनी मां और जया बच्चन के साथ नारियल के पेड़ की छांव में बातें करती थीं.

जानकारी के मुताबिक लक्षद्वीप प्रशासन की ओर से सभी के लिए खाने का इंतजाम किया गया था. बंगाराम द्वीप पर दो रसोइयों समेत पांच लोग रुके थे. वहीं इन शाही परिवारों के खाने की पसंद का ख्याल रखने के लिए दिल्ली से उनका पर्सनल कुक भी गया था, जो दिशा-निर्देश दे रहा था.

गौर करने वाली बात ये है कि नई दिल्ली से शराब भी ले जाई गई थी. पास में मौजूद एक अन्य द्वीप में 100 चिकन की भी व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा लक्षद्वीप से ताजे फल जिनमें पपीता, सपोता, केले और अमरूद भेजे गए थे.

वहीं कावारत्ती से 100 ब्रेड और बटर मंगाए गए थे. इसके अलावा कोचीन से कैडबरी की चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स की 40 क्रेट, मिनरल वाटर की 300 बोतल, अमूल चीज, काजू, 20 किलो आटा, 105 किलो चावल और कुछ ताजी सब्जियां मंगाई गई थीं. इन सामानों की पहली खेप 23 दिसंबर को, दूसरी खेप तीन दिन के बाद और फिर 1 जनवरी को कुछ सामान भेजा गया.

जिसके भारत के प्रमुख युद्धपोत INS विराट के गांधी परिवार को ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने की खबरें रहीं, जिस पर कई सवाल उठाए गए. ऐसा भी बताया जाता है कि INS विराट को पूरे 10 दिनों के लिए अरब सागर में तैनात किया गया.

कुछ रक्षा विशेषज्ञों ने राजीव गांधी की छुट्टियों में नौसेना के इस्तेमाल करने पर सवाल भी उठाया था. बताया जाता है कि पूरी छुट्टियों के दौरान अगत्ती में स्पेशल सेटेलाइट का सेटअप भी लगाया गया था.

इन सब मौज मस्ती के बाद 6 जनवरी को गांधी परिवार की यह आलीशान छुट्टियां खत्म हुईं थी. ऐसा जिक्र मिलता है कि वह से रवाना होने के लिस्ट में सबसे पहला नाम था प्रियंका वाड्रा का. जो कि अपने दोस्तों के साथ गोवा चली गईं थी.

जिसके बाद आए हुए विदेशी मेहमान रवाना हुए और फिर अमिताभ बच्चन और उनका परिवार रवाना हुआ. उसी दिन राजीव गांधी राहुल के साथ नेवी के हेलिकॉप्टर से एमिनी आइलैंड गए, जहां उनका नए साल 1988 में पहला आधिकारिक कार्यक्रम होने वाला था.

राहुल गांधी को INS विराट में ही छोड़ दिया गया था, ताकि वे बाद में राजीव के साथ मंगलौर जा सकें. बंगाराम द्वीप से सबसे अंत में निकलने वालों में सोनिया गांधी और उनके रिश्तेदार थे.

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