इमरान खान ने नहीं जमा कराया बिल, कट सकती है ऑफिस की बिजली

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के मोदी सरकार के फैसले के बाद से पाकिस्तान (Pakistan) बौखलाया हुआ है. भारत (India) के इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का दरवाजा खटखटा रहा है लेकिन वहां से भी उसे नाकामी के सिवाय कुछ हाथ नहीं लग रहा है. इतना ही नहीं पाकिस्तान लगातार युद्ध की गीदड़भभकी दे रहा है. लेकिन कश्मीर (Kashmir) को लेकर बौखलाया पाकिस्तान खुद कंगाली की मार झेल रहा है. आलम ये है कि पाकिस्तान के पास सचिवालय तक की बिजली का बिल भरने के पैसे नहीं हैं.

पाकिस्तानी वेबसाइट ‘एक्सप्रेस न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक बिल न भरे जाने की वजह से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सचिवालय की बिजली काटे जाने की नौबत आ गई है. इतना ही नहीं इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी ने प्रधानमंत्री सचिवालय को नोटिस भी भेज दिया है.

लाखों रुपये बकाया
खबर के मुताबिक प्रधानमंत्री सचिवालय पर इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी का 41 लाख 13 हजार 992 रुपये का बिल बकाया है. इसमें पिछले महीने का बिल 35 लाख से ज्यादा का है जबकि इससे पहले का पांच लाख 58 हजार रुपये का बकाया है.

ऐसा हुआ तो कट जाएगी बिजली
खबर की मानें तो प्रधानमंत्री सचिवालय नियमित रूप से बिजली का बिल नहीं भर पाता है. सचिवालय किसी महीने बिल की रकम जमा करता है किसी महीने ये जमा नहीं की जाती है. यही कारण है कि अब प्रधानमंत्री सचिवालय पर इतना बकाया हो गया है. अब अगर ये बिल जमा नहीं किया जाता है तो प्रधानमंत्री सचिवालय की बिजली काट दी जाएगी.

लगातार महंगाई की मार झेल रहा है पाकिस्तान

बता दें पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पिछले एक साल में वित्तीय घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. कंपनियों पर बोझ बढ़ता जा रहा है और लगातार छंटनियां की जा रही हैं. यही नहीं रुपये के गिरने से महंगाई भी बेहद बढ़ चुकी है. पाकिस्तान की हालत ऐसी है कि वहां पुराने कर्ज़ की किश्त चुकाने के पैसे नहीं हैं. इसका जिक्र पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने देश के नाम संबोधन में भी ज़िक्र कर चुके हैं.