किस हाल में हैं 2011 विश्वकप विजेता टीम के वो 11 हिंदुस्तानी खिलाड़ी

Sachin

2011 में भारत 28 साल बाद विश्व विजेता बना था. क्रिकेट एक टीम गेम है इसमें जबतक पूरी टीम का योगदान न हो तब तक जीत हासिल करना मुमकिन नहीं होता. आज हम आपको विश्व विजेता टीम के उन खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे जिनका योगदान 2011 विश्व कप में बेहद अहम रहा था. इतना ही नहीं हम यह भी बताएंगे कि आखिर ये खिलाड़ी इस समय कर क्या रहे हैं.

1. इस लिस्ट में पहला नाम है मुनाफ पटेल. मुनाफ ने नवंबर 2018 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. 35 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने भारत की तरफ से 2011 वर्ल्ड कप के बाद 8 वनडे ही खेले. वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से तीसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन उनकी कहीं चर्चा नहीं हुई. भारत के गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस ने तो उन्हें 2011 विश्व कप जीत का ‘गुमनाम हीरो’ तक बता डाला था. IPL 2017 की नीलामी में उन्हें गुजरात लायंस ने खरीदा था. मुनाफ का वह आखिरी सीजन था. इस समय वह अपने परिवार के साथ वक्त गुजार रहे हैं.

2. एक समय टीम में स्विंग सुल्तान नाम से मशहूर एस. श्रीसंत का नाम इस लिस्ट में दूसरा है. राजस्थान की तरफ से खेलते हुए 2013 आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के कारण श्रीसंत का क्रिकेट करियर पूरी तरह से खराब हो गया. 2015 में कोर्ट ने श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप से बरी कर दिया था. बीसीसीआई द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को 2017 में केरल हाईकोर्ट की सिंगल जज की पीठ ने हटा लिया. मगर बीसीसीआई की अपील पर दो जजों की बेंच ने एकल पीठ के फैसले को पलटते हुए फिर से बैन लगा दिया. हालांकि 2019 में श्रीसंत पर लगाया गया बैन हटा दिया गया है, लेकिन बीसीसीआई ने उन्हें लेकर कोई फैसला नहीं दिया है. श्रीसंत ने अपना आखिरी टेस्ट और वनडे मैच 2011 में खेला था.

3. सौरव गांगुली के शान और टीम इंडिया की जान नाम से मशहूर जहीर खान लंबे समय से भारतीय गेंदबाजी की धुरी रहे. आपको बता दें कि पेसर जहीर खान 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. जहीर खान विश्व कप 2011 में 21 विकेट झटक कर शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से टॉप पर रहे थे. इस वक्त वो IPL में मुंबई टीम के मेंटर हैं.

4. जिसकी बात अब हम कर रहे हैं उसके आगे कई दिग्गज बल्लेबाजों की एक न चली. जी हां…हम बात कर रहे हैं भज्जी की. हरभजन सिंह जैसे दिग्गज ऑफ स्पिनर को 2016 के बाद से टीम इंडिया की ओर खेलने का मौका नहीं मिला है. इस बीच उनकी IPL टीम भी बदल गई है. अब वह चेन्नई की ओर से खेलते हैं. इस सीजन में उन्होंने अभी तक 9 मैचों में 14 विकेट हासिल किए हैं.

5. बाएं हाथ के खब्बू बल्लेबाज की दुनिया दीवानी है. सुरेश रैना ने 2015 के बाद से एक भी वनडे नहीं खेला है. बहरहाल साल 2018 में उन्हें टी-20 में वापसी का मौका मिला. इस समय वह IPL में अपनी पुरानी टीम चेन्नई की तरफ से खेल रहे हैं.

6. 2011 विश्व कप में मैन ऑफ द सीरीज रहे युवराज सिंह अपने क्रिकेट करियर के बुरे दौर से गुजर रहे हैं. 37 साल के इस धुरंधर को 2015 के बाद 2019 विश्व कप में भी नहीं जगह मिली. IPL के 12वें सीजन में वह मुंबई टीम का हिस्सा बने. मुंबई की तरफ से उन्होंने केवल 4 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 98 रन बनाए.

7. विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने अक्टूबर 2015 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी. सहवाग ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट) मार्च 2013 में खेला था. अब वह कमेंट्री करते नजर आते हैं और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं.

8. रन मशीन कोहली यानि की विराट कोहली इस वक्त तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान है. उनके नेतृत्व में टीम इंडिया के सामने 2019 का वर्ल्ड कप जीतने की चुनौती है. IPL के इस सीजन में उनकी टीम बैंगलोर प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच पाई.

9. भारतीय टीम के भीष्म पितामह यानि धोनी ने 2011 के फाइनल में धोनी ने नाबाद 91 रन बनाए थे और भारत को 28 साल बाद दूसरी बार विश्व का खिताब दिलाने में सफल रहे. एमएस धोनी इस समय में IPL में व्यस्त हैं. उनकी टीम चेन्नई क्वालीफायर-2 में पहुंच गई हैं. क्वालीफायर-2 में चेन्नई का सामना दिल्ली से होगा. फिलहाल उनके सामने 2019 के वर्ल्ड कप तक खुद को फिट रखने का लक्ष्य है. विराट की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए उनका अनुभव बेहद फायदेमंद साबित हुआ है.

10. हाल ही में राजनीति में डेब्यू करने वाले गौतम ने विश्व कप के फाइनल में 97 रन की यादगार पारी खेली थी. गौतम गंभीर इस बार पूर्वी दिल्ली से चुनावी मैदान में उतरे हैं. IPL 2012 और 2014 में कोलकाता को खिताबी जीत दिला चुके गंभीर ने भारत की तरफ से आखिरी बार 2016 में टेस्ट मैच खेला था.

11. क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 2011 के खिताबी मुकाबले में महज 18 रन बनाए थे. 46 वर्षीय सचिन इस वक्त सीएसी के सदस्य हैं. अभी कुछ दिनों पहले ही उनको लेकर हितों के टकराव का मामला सामने आया था. दरअसल, मामला क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का सदस्य रहते आईपीएल की टीमों के साथ जुड़ने को लेकर उत्पन्न हुआ था. सचिन तेंदुलकर इंटरनेशनल क्रिकेट में 34 हजार रन बना चुके हैं, जिसे तोड़ना काफी मुश्किल है. कोई खिलाड़ी उनके आस-पास नहीं हैं. सचिन ने दिसंबर 2012 में वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा और नवंबर 2013 में टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा की थी.

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