जानिए कन्हैया से पहले राजनीति में आ चुके जेएनएयू छात्रों के बारे में

सन 1969 में स्थापित जवाहरलाल यूनिवर्सिटी यानी जेएनएयू देश भर में अपने क्वालिटी शिक्षा के साथ ही छात्र राजनीति का गढ़ माना जाता रहा है. ये यूनिवर्सिटी अपने छात्रसंघ चुनाव में भी सुर्ख़ियों में आ जाती है, तो चलिए जानते है उन छात्र नेताओं और छात्रों के बारे में जो जवाहरलाल यूनिवर्सिटी से निकल कर देश की राजनीति में एक मुकाम हासिल का चुके है या करने वाले है.

कन्हैया कुमार : जेएनयू से पीएचडी कर चुके कन्हैया, जवाहरलाल यूनिवर्सिटी से छात्र संघ का अध्यक्ष भी रह चूके है. हाल में ही उनको सीपीआई ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बेगूसराय सीट से उम्मीदवार घोषित किया है. इसके साथ ही कन्हैया अखिल भारतीय छात्र परिषद जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्टूडेंट विंग है, के नेता भी हैं.

निर्मला सीतामरण : 18 अगस्त 1959 में जन्मी निर्मला सीतारमण, जेएनयू से अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल कर चुकी हैं. वहीं 3 सितम्बर 2017 को निर्मला ने रक्षामंत्री की शपथ लेते हुए भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के बाद दूसरी महिला रक्षा मंत्री और पहली पूर्ण सामायिक महिला रक्षा मंत्री बनी हैं.

सुब्रमण्यम जयशंकर: दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक करने के बाद सुब्रमण्यम जयशंकर ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की. वर्तमान में सुब्रमण्यम जयशंकर भारत के नए विदेश सचिव हैं. उन्होंने न्यूक्लियर समझौते का पहला प्रारूप तैयार करवाया था जिसे आदर्श माना जाता है. जयशंकर के पिता के सुब्रमण्यम देश के सर्वश्रेष्ठ नीतिकारों में माने जाते हैं. उन्होंने जेएनयू से एमफील और पीएचडी की थी.

सैयद आसिफ इब्राहिम: कभी प्रधानमंत्री मोदी के राज्यपाल वाले ऑफर को ठुकरा चुके, आसिफ इब्राहिम इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व निदेशक रह चुके हैं. इन्होने भी अपनी शिक्षा जेएनयू से हासिल की है.

अमिताभ कांत: नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं अमिताभ ने जेएनयू से एमए किया है. अमिताभ कांत नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी हैं.

संजय बारू: संजय बारू साल 2004 से 2008 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया एडवाइजर रह चुके है. कुछ दिनों पहले उनकी किताब ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पर फिल्म बनी थी. उन्होंने जेएनयू से एमए और पीएचडी की थी.

मेनका गांधी: 23 अगस्त 1956 को जन्मी मेनका ने भारत की प्रसिद्ध राजनेत्री एवं पशु-अधिकारवादी हैं. केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने जेएनयू से जर्मन भाषा की पढ़ाई की है.

सीताराम येचुरी: साल 1977-78 के दौरान येचुरी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए. वे भारतीय राजनीतिज्ञ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता है. सीताराम येचुरी दो बार राज्यसभा सदस्य रहे हैं.