आम चुनाव 2019 : क्या गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर बीजेपी दोहरा पाएगी जीत वाला इतिहास?

gautam budhnagar

यूपी की गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट सूबे की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है. इसकी एक वजह देश की राजधानी दिल्ली से सटे होना भी बताया जाता है. फ़िलहाल ये सीट भारतीय जनता पार्टी के खाते में है, 2014 लोकसभा चुनाव में यहां से सांसद महेश शर्मा जीत हासिल की. महेश केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में गौतम बुद्ध नगर का विस्तार हुआ, इसके बाद से ही ये क्षेत्र हमेशा चर्चाओं में रहा है. इस सीट पर गुर्जर समाज के वोटरों की संख्या अधिक है, ऐसे में लोकसभा चुनाव में इस सीट पर सभी की नजरें हैं. 2015 में हुए दादरी कांड के दौरान इस क्षेत्र ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं.

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट 2008 में हुए परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई. वहीं जब 2009 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, तो बहुजन समाज पार्टी ने इस सीट बड़े अंतर से जीत हासिल की. वहीं महेश शर्मा को 2 लाख वोटों के अंतर से बसपा के सुरेंद्र सिंह ने यह मात दी थी.

2014 के लोकसभा चुनाव में चली मोदी लहर का फायदा महेश शर्मा को इस सीट पर मिला. महेश शर्मा यहां से पौने तीन लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज कर आए. वहीं इस क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें नोएडा, जेवर, सिकंदराबाद, दादरी और खुर्जा शामिल हैं. 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में ये सभी पांच सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में गई थीं.

2015 में गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र का दादरी ने दुनियाभर में उस वक़्त सुर्खियाँ में आ गया जब बीफ के शक में दादरी के मोहम्मद अख़लाक़ की भीड़ ने हत्या कर दी थी. इस मॉब लिंचिंग केस से देश की राजनीति गर्मा गई थी.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी सीटों में शामिल गौतमबुद्ध नगर में 2014 में वोटरों की संख्या 19 लाख से अधिक थी. जिनमें 11 लाख पुरुष, 8 लाख महिला वोटर थे. 2014 में यहां 60 फीसदी मतदान ही हुआ था. इनमें से 3837 वोट NOTA में गए थे. इस लोकसभा क्षेत्र में 80 फीसदी हिंदू जनसंख्या हैं, इनमें से 20 से अधिक प्रतिशत गुर्जर समाज से आते हैं. जबकि 14 फीसदी जनसंख्या मुस्लिम समुदाय से है.