आईएसआईएस के खिलाफ जंग लड़ रही हैं ये बहादुर और खूबसूरत कुर्द लड़ाकू महिलाएं

इस्लामिक स्टेट एक ऐसा आतंकवादी संगठन है, जो एक वक्त दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका था। लेकिन आज कई देशों ने मिलकर इस आतंकवादी संगठन की कमर तोड़कर रख दी है। हालांकि अभी इस आतंकवादी संगठन का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। लेकिन अगर इनसे टक्कर लेने के लिए ये बहादुर और खूबसूरत कुर्द लड़ाकू महिलाएं मौजूद हैं तो डरने की ज़रूरत नहीं है।
कुर्द लड़ाकों की इस महिला विंग में सात हज़ार से लेकर दस हज़ार तक लड़ाकू महिलाएं मौजूद हैं। खास बात ये है कि इनमें से अधिकतर महिलाओं की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है।

इन कुर्द लड़ाकू महिलाओं का एक ही सपना है। और वो ये, कि एक दिन इस इलाके से इस्लामिक स्टेट का पूरी तरह खात्मा और एक आज़ाद कुर्दिश स्टेट की स्थापना।

आपको बता दें कि कुर्द एक जनजातीय कबीला है जो तुर्की, सीरिया, इराक और इरान के कुछ हिस्सों में रहता है। ये कबीला अपने लिए एक कुर्दिस्तान नाम से एक अलग मुल्क की मांग सालों से कर रहा है।
बीसवीं सदी में ऑटोमन साम्राज्य के ढहने के बाद मित्र राष्ट्रों की सेना ने इस इलाके में कुछ देशों का निर्माण करने का प्रस्ताव रखा था। कुर्दिस्तान भी उनमें से एक था।

पहले इन लड़ाकों का सीधा संघर्ष सद्दाम हुसैन की सेनाओं से होता था। लेकिन अमेरिका द्वारा सद्दाम को अपदस्थ किए जाने के बाद कुर्द लड़ाकों का मुकाबला इन दिनों तुर्की से होता है।

तुर्की इन्हें आतंकवादी मानता है, जबकि पश्चिम के कुछ देश इनका समर्थन करते हैं। जबकि नाटो और युनाइटेड नेशन भी इन्हें आतंकवादी मानता है।
लेकिन अपने लिए अलग राज्य की मांग करने वाले ये लोग खुद को आतंकवादी नहीं मानते हैं। ये लोग कहते हैं कि वो बस अपने हक की आवाज़ उठा रहे हैं।
कुर्दों का कहना है कि जिस तरह से यहूदियों को इज़रायल नाम से उनका देश दिया गया, ऐसे ही कुर्दों को भी उनका एक अलग देश मिलना चाहिए।

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