एक ही वक्त में कर देती थीं दो-तीन को प्रपोज़, हर हीरो-विलेन पर आ जाता था इनका दिल

सात फरवरी से वैलेंटाइन वीक शुरू हो चुका है। गुलाब दिवस यानि रोज़ डे के बाद आज यानि आठ फरवरी को प्रपोज़ डे है। प्रपोज़ डे का दिन है तो आज हम आपको बॉलीवुड का एक ऐसा किस्सा सुना रहे हैं, जिसे सुनकर आप कहेंगे कि क्या सच में ऐसा होता था। ये किस्सा जुड़ा है बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक रही मधुबाला से, जो 14 फरवरी के दिन यानि  वैलेंटाइन डे के दिन ही पैदा हुई थी। शायद इसिलिए मधुबाला इतनी रोमांटिक थी।

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मधुबाला की खास बात ये थी कि वो जिस हीरो या डायरेक्टर के साथ काम करती थीं, उसे प्रपोज कर देती थी। बताया जाता है कि अपनी फिल्म के हर अभिनेता और निर्देशक को देखते ही उन्हें प्यार हो जाता था। वो हर किसी को एक ही तरीक से प्रपोज करती थी, यानि गुलाब और प्रेम पत्र देकर।

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अपनी इसी आदत के चलते एक दफा मधुबाला ने अभिनेता प्रेमनाथ को प्रपोज कर दिया। उसके बाद हुआ बेहद तगड़ा ड्रामा। ये बात साल 1951 की है। फिल्म बादल में प्रेमनाथ और मधुबाला साथ काम कर रहे थे। प्रेमनाथ अक्सर फिल्मों में विलेन का किरदार निभाते थे।

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फिल्म की शूटिंग का पहला दिन था। उस दिन जाने मधुबाला को क्या सूझा, वो दौड़ती हुई सेट पर आई और सीधे प्रेमनाथ के मेकअप रूम में घुस गई। मधुबाला ने अपने साथ लाए एक प्रेम पत्र और गुलाब को प्रेमनाथ को थमा दिया।

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मधुबाला की इस अचानक की गई हरकत से प्रेमनाथ सकपका गए। उन्हें समझ ही नहीं कि अचानक ये से क्या हो रहा है। प्रेमनाथ ने मधुबाला का दिया वो प्रेम पत्र खोलकर पढ़ा। उस पत्र में लिखा था कि अगर आप मुझसे प्यार करते हैं तो इस गुलाब को कबूल करें और अगर नहीं करते तो इसे वापस कर दें। ये पढ़ते ही प्रेमनाथ के होश उड़ गए। प्रेमनाथ इस बात पर यकीन ही नहीं कर पाए कि इतनी सुंदर अभिनेत्री उन्हें प्रपोज कर रही है। प्रेमनाथ ने बिना देरी किए वो गुलाब रख लिया और मधुबाला से कहा, ‘हां, मुझे कबूल है।’ इतना कहकर प्रेमनाथ ने मधुबाला का दिया वो गुलाब अपने कोट में लगा लिया।

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इसके साथ ही शुरू हो गया मधुबाला और प्रेमनाथ का अफेयर। लेकिन कुछ ही वक्त बाद मधुबाला ने प्रेमनाथ से खुद को दूर करना शुरू कर दिया। फिर धीरे-धीरे उन्होंने प्रेमनाथ से अपना रिश्ता पूरी तरह से खत्म कर लिया। प्रेमनाथ ये बात समझ ही नहीं पा रहे थे कि आखिर क्यों मधुबाला उनके साथ ऐसा कर रह रही हैं। फिर प्रेमनाथ को उनके जिगरी दोस्त अशोक कुमार ने बताया कि कुछ दिनों पहले उन्हें भी मधुबाला ने एक लव लैटर और फूलों का गुलदस्ता दिया था। ये बात सुनकर प्रेमनाथ दंग रह गए और उन्होंने फैसला किया कि वो अब कभी भी मधुबाला का चेहरा नहीं देखेंगे। और इस तरह मधुबाला और प्रेमनाथ का वो रिश्ता खत्म हो गया।