दिल्ली दंगे के एक आरोपी को मिली जमानत

दिल्ली दंगे के एक आरोपी को अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने कहा है कि इस आरोपी के खिलाफ सीधा कोई साक्ष्य पुलिस पेश करने में असफल रही है। सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी नहीं दिख रहा है। लिहाजा परिस्थिति को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की अदालत ने आरोपी को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके एवं इतने ही रुपये मूल्य के जमानती के आधार पर जमानत दी है। इस मामले में दयालपुर इलाके में दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल के पैर में गोली लगी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन रिकार्ड से यह साबित नहीं कर सकी कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद था।

इस मामले में एक खामी यह भी रही कि पुलिस ने प्राथमिकी में लिखा था कि कांस्टेबल को बाए पैर में गोली लगी थी। जबकि अदालत में दाखिल आरोपपत्र में कहा गया कि कांस्टेबल के दाए पैर में गोली लगी है। अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपी को मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी दूसरे मामले में हुई और इस मामले में उसे आरोपी बना दिया गया। अदालत ने यह भी कहा कि कांस्टेबल ने भी अपने बयानों में आरोपी का नाम नहीं लिया है। वहीं, पीड़ित कांस्टेबल की उपचार संबंधी रिपोर्ट से साफ है कि उसको साधारण चोट आई थी।

अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में पुलिस की तरफ से कई खामियां नजर आ रही हैं। अदालत ने यह भी कहा कि हालांकि यह प्राथमिक स्तर पर की गई टिप्पणी है। इस मामले में विस्तृत सुनवाई के दौरान तमाम तथ्यों पर गौर किया जाएगा और निर्णय होगा। बहरहाल अदालत आरोपी को जमानत देने का निर्णय कर रही है।