बुखार सही करने के लिए बच्चे को दागा लोहे से, संक्रमण से मौत

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अंधविश्वास होने पर कोई किस हद तक जा सकता है इसका खामियाजा एक परिवार ने तब उठाया जब उनके एक साल के बच्चे की मौत हो गई. बच्चे को ठीक करने के लिए परिवार के लोग उसे नीम हकीम के पास लेकर पहुंचे थे, जहां उसे लोहे की रॉड से दाग दिया गया था. इससे बच्चे को संक्रमण हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

बताया जाता है कि बनासकांटा जिले के वाव तहसील के वासेदा गांव में विपुल नाम के बच्चे को पिछले दस दिनों से बुखार आ रहा था. विपुल के परिजन उसे अस्पताल में दिखाने के बजाय नीम हमीक के पास ले गए. वहां पर नीम हकीम ने अपना टोटका आजमाया और बच्चे के शरीर पर गर्म लोहे की रॉड दाग दी. बच्चे के रोने पर उसने कहा कि कुछ ही देर में उसका बुखार उतर जाएगा. नीम हकीम की ये बात सुनकर परिवार के लोग बच्ची को लेकर घर आ गए.

बताया जाता है कि बच्चे का बुखार फिर भी नहीं उतरा और उसे कई तरह के संक्रमण हो गए. बच्चे की हालत खराब होने पर परिजनों ने उसे दीसा के अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों की पूछताछ के बाद परिजनों ने सारी बात बताई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. बताया जाता है कि अस्पताल में चार दिन तक चले इलाज के बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया.

डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को न्यूमोनिया था. लोहे की छड़ से दागे जाने के बाद उसकी स्थिति बिगड़ गई. हमने उसे अहमदाबाद के राजस्थान अस्पताल रेफर कर दिया था लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी.