मीठी, पाकिस्तान का वो इकलौता शहर जहां नहीं होता हिंदुओं पर कोई अत्याचार, वजह भी खास है

हिंदुओं की स्थिति पाकिस्तान में क्या है, ये बात किसी से छुपी नहीं है। आए दिन जबरन धर्म परिवर्तन और अपहरण की घटनाओं से सारी दुनिया वाकिफ है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पाकिस्तान में आज भी एक शहर ऐसा है, जहां मुसलमानों से अधिक हिंदुओं की जनसंख्या है। इस शहर से कभी किसी हिंसा या धर्म परिवर्तन की खबर नहीं आती है।

हिंदू बहुल आबादी वाले इस पाकिस्तानी शहर का नाम है मीठी और ये शहर पाकिस्तान के थारपारकर जिले में मौजूद है। मीठी शहर पाकिस्तान के लाहौर शहर से लगभर आठ सौ पचहत्तर किलोमीटर दूर है। भारत के गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से ये शहर तीन सौ चालीस किलोमीटर दूर है। इस शहर की खास बात है यहां देखने को मिलने वाली हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल।

इस शहर की कुल आबादी सतासी हज़ार है। शहर की कुल आबादी का अस्सी फीसदी हिंदू है। आपको बता दें कि पाकिस्तान की कुल आबादी का 97 फीसदी मुसलमान हैं। बताया जाता है कि इस शहर में जब भी कोई धार्मिक आयोजन या त्यौहार मनाया जाता है तो हिंदू और मुसलमान मिलकर उसे मनाते हैं।

बताया जाता है कि मीठी शहर में दिवाली और ईद को यहां के लोग मिल-जुलकर मनाते हैं। जहां इस शहर में हिंदू लोग मुहर्रम के जुलूस में शामिल होते हैं तो वहीं इस शहर के मुसलमान भी हिंदुओं का सम्मान करते हुए कभी भी गाय नहीं काटते हैं और ना ही गौमांस खाते हैं। हिंदू भी मुसलमानों के साथ मिलकर रोज़े रखते हैं।

बात अगर क्राइम रेट के बारे में की जाए तो पाकिस्तान के किसी भी अन्य शहर या इलाके से इस शहर का क्राइम रेट बिल्कुल कम है। इस शहर में अपराध दर महज़ दो फीसदी है। खास बात ये है कि इस शहर में किसी भी तरह की धार्मिक असहिष्णुता देखने को नहीं मिलती है।

पाकिस्तान के इस इकलौते हिंदू बहुल शहर में कई मंदिर स्थित हैं। यहां का सबसे प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है श्रीकृष्ण का मंदिर। जब भी इस मंदिर में पूजा की जाती है तो मस्जिद में लाउडस्पीकर पर अजान नहीं दी जाती है। वहीं जब अजान होती है तो मंदिर में भी घंटियां नहीं बजाई जाती हैं।

बताया जाता है कि 1971 में हुए भारत-पाक युद्ध के दौरान जब भारतीय सेनाएं मीठी तक पहुंची तो यहां के मुसलमान रातों रात ये शहर छोड़कर भाग गए। लेकिन बाद में इलाके के हिंदुओं ने उन्हें वापस आने के लिए मनाया। उसके बाद से ही इस शहर में हिंदू और मुस्लिमों के बीच ज़बरदस्त भाईचारा कायम हो गया।

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