बहन से करते थे छेड़खानी, भाई समझाने गया और उसे ही मार डाला परिवार ने

झारखंड में एक जिला है जिसका नाम है पलामू. आजकल वहां भी 10वीं की परीक्षा चल रही है. दो लड़कियां थी दोनों नाबालिग थी. रिश्ते में दोनों चचेरी बहनें थी. बोर्ड की परीक्षा देने जाती थीं.

ये है कहानी का एक हिस्सा दूसरा हिस्सा यहां से शुरू है. पड़ोस में एक और गांव हैं उस गांव के लड़के रोज रास्ते में लड़कियों को छेड़ते थे. अभ्रद टिप्पणियां करते थे. 12 मार्च की सुबह दोनों बहने पढ़कर वापस घर को लौट रही थी.

रास्ते में फिर वो छिछोरे मिले. लड़कों ने इसबार सारी हदें पार करते हुए उन्होंने इस बार बस छेड़खानी नहीं की, धमकी दी और बोले- कुल्हाड़ी से काट देंगे. जब ये बात लड़कियों के भाई को पता लगी तो वह अपने दो-तीन दोस्तों को साथ लिया और उन लड़कों से बात करने पहुंचे.

मगर बातचीत के बदले छिछोरे लड़कों के परिवार ने मिलकर इनकी इतनी पिटाई की जिसमें लड़कियों के एक भाई की मौत हो गई. दूसरा बुरी तरह घायल हो गया.

पुलिस से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 12 मार्च को जब वकील और दानिश इनसे सवाल करने गए, तो इन्होंने लाठी-डंडे से इनकी पिटाई की. पुलिस के मुताबिक, वकील के सीने पर लोहे के डंडे से वार किया गया था. शुरुआती जांच से लगता है कि इसी चोट ने उसकी जान ली. पुलिस ने दानिश का बयान दर्ज़ कर लिया है. उसने बताया-

हम लोग समझाने गए थे. कि तुम लोग लड़कियों को क्यों छेड़ते हो. उन्होंने बांस के डंडे निकाले और हमें पीटा. मारपीट उन लोगों की ही तरफ से शुरू की गई थी.

कुड़वा गांव के लोग नाराज़ हैं. उनका आरोप है कि छेड़खानी करने वालों के अलावा खडीहा गांव के कुछ और लोगों ने भी वकील और दानिश के साथ मारपीट की. कुछ जगहों पर इस घटना को मॉब लिंचिंग भी बताया जा रहा है. मगर पुलिस ने इससे इनकार किया है.