जानिए क्यों राबड़ी देवी ने प्रशांत किशोर पर लगाया झूठ बोलने का आरोप

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इस लोकसभा चुनाव में सियासी दलों के नेता एक दूसरे पर आरोप लगा रहा है, वहीं आरोप लगने के बाद नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं. इसी कड़ी में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने खुलासा करते हुए कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर कई बार उनके घर आ चुके है.

गौरतलब है कि एक न्यूज़ चैनल को इंटरव्यू से बात करते हुए राबड़ी देवी ने खुलसा किया कि जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लालू यादव से मुलाकात करने कई बार उनके घर आ चुके है और साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने ही उनको घर से बाहर निकाला था. वहीं राबड़ी ने बताया कि प्रशांत किशोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दूत बनकर आरजेडी अध्यक्ष से 5 बार मिले थे.

आपको बता दें कि राबड़ी देवी ने कहा कि प्रशांत किशोर सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं कि उन्होंने लालू -नीतीश को साथ लाने की कोशिश नहीं की. वहीं ये मामला उस वक़्त शुरू हुआ जब लालू प्रसाद यादव पर लिखी एक किताब, गोपालगंज टू रायसीना: माय पॉलिटिकल जर्नी, जो की जल्द ही बाजार में आने वाली है. इस किताब में दावा किया गया है कि नीतीश कुमार ने जेडीयू उपाध्यक्ष और अपने विश्वासपात्र प्रशांत किशोर को अलग-अलग मौकों पर अपना दूत बनाकर उनके पास पांच बार भेजा. प्रशांत किशोर ने हर बार नीतीश की ‘धर्मनिरपेक्ष’ धड़े में वापसी पर लालू को राजी करने की कोशिश की.

हालांकि इस दावे को प्रशांत किशोर ने सिरे से खारिज करते हुए ट्वीट किया था कि लालूजी द्वारा बताए गए दावे गलत हैं. यह और कुछ नहीं बल्कि एक ऐसे नेता द्वारा अपनी राजनीतिक भूमि बचाने की कोशिश का एक घटिया प्रयास है, जिनके अच्छे दिन पीछे छूट चुके हैं. वहीं इस ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा था कि हां, जेडीयू में शामिल होने से पहले हमने कई बार मुलाकात की, लेकिन अगर मुझे यह बताने को कहा जाए कि उसमें क्या चर्चा हुई तो वे काफी शर्मिंदा होंगे.

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