राफेल पर बोले राहुल: प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम को बताया “मिडिल मैन “

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर राफेल को लेकर आक्रामक रूप में नज़र आ रहे है. बीजेपी को घेरते हुए उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर हमला बोला. राहुल गाँधी ने कहा की अब ये साफ़ हो चूका है की राफेल सौदे में घोटाला हुआ है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ईमेल का हवाला देते हुए उन्होंने गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा की हस्ताक्षर करने से 10 दिन पहले ही अनिल अंबानी, फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर बता रहे थे कि जब पीएम आएंगे तो एक एमओयू (राफेल डील) साइन होगा, जिसमे मेरा नाम रहेगा.

rahul gandhi

उन्होंने आगे कहा की पीएम को इस बात का खुलासा करना चाहिए कि आखिर अनिल अंबानी को डील से 10 दिन पहले ही कैसे सब पता चल गया. मतलब कि प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के मिडिलमैन की तरह काम कर रहे थे. राहुल गांधी ने कहा कि पहले राफेल में भ्रष्टाचार का मामला था, लेकिन अब सरकारी गोपनीयता अधिनियम के उल्लंघन का भी मामला सामने आया है. इसी आधार पर टॉप सीक्रेट को किसी के साथ शेयर करने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. उन्हें जेल भेजना चाहिए. यह देशद्रोह का मामला है.’

ये भी पढ़ें : राफेल पर बोले राहुल: प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम को बताया “मिडिल मैन “

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए ईमेल में क्या है?

‘आपकी जानकारी के लिए, अभी फोन पर सी. सालोमन (सालोमन जेवाई ले ड्रायन के सलाहकार हैं, जो सोमवार को हुई मीटिंग में मौजूद थे) से बात हुई. ए. अंबानी इस हफ्ते मंत्री के ऑफिस आए (उनकी यह यात्रा गुप्त थी और पहले से ही तय थी) थे. मीटिंग में उन्होंने (ए. अंबानी ने) बताया कि वह कॉमर्शियल हेलोस पर पहले एएच के साथ काम करना चाहते हैं और बाद में डिफेंस सेक्टर में. उन्होंने (ए. अंबानी) बताया कि एक एमओयू तैयार किया जा रहा है, जिस पर प्रधानमंत्री के दौरे के समय दस्तखत किए जाएंगे.

ईमेल किसने किसको लिखा?

यह ईमेल एयरबस के तत्कालीन सीईओ गुलियाम फौरी की ओर से कंपनी के एशिया सेल्स हेड मॉन्टेक्स और फिलिप को लिखा गया था. इसकी कॉपी श्ली, क्लाइव, मॉडेट, डोमिनिक, चॉम्सी और निकोलस को भेजी गई थी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे क्या हुआ

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक वक़्त ऐसा भी आया जब राहुल गांधी ने राफैल डील पर कैग की रिपोर्ट को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी पर आक्रामक हो गए. उन्होंने कहा कि यह कैग नहीं बल्कि चौकीदार ऑडिटर जनरल रिपोर्ट है. अब कोई अंदेशा नहीं है की प्रधानमंत्री भ्रष्ट है और प्रधानमंत्री सब जानते हुए, अनिल अम्बानी की मदद की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपना काम अच्छे से कर रही है और अब जनता को प्रधानमंत्री से पूछना चाहिए की जिस डील का रक्षा मंत्री और अन्य किसी अधिकारी को पता नहीं था, वो अनिल अम्बानी को कैसे पता चली. आगे उन्होंने ने बोला की वो प्रधानमंत्री से बोल चुके है कि वो हमारी या विपक्ष की जांच करा ले लेकिन साथ में राफेल की भी जाँच तो कराये, जेपीसी गठित करने वाली मांग को भी बताया. राहुल ने कहा कि अब राफेल डील में करप्शन, प्रोसीजरल और सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन का मामला आ गया है. तीनों मामलों में कोई नहीं बचेगा.