बैन के बावजूद खेल रहे थे PUBG पुलिस ने गिरफ्तार कर खूब चिकन डिनर कराया

PUBG

बच्चों में बढ़ती गेम की लत अब जानलेवा बन गई है. मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों को मानसिक रूप से बीमार बना रहा है. दिनभर गेम व मोबाइल पर लगे रहने के कारण वे चिड़चिड़े हो रहे हैं.

युवा और बच्चे इस गेम को खेलने के इतने आदी होते जा रहे हैं कि दिन-रात वे फोन के साथ ही चिपके रहते है. गेम के टास्क को पूरा करने के लिए न तो वह खाने की परवाह करते हैं और न नींद की.

विनर विनर… लो अब जेल में बैठो और खाओ चिकन डिनर

 

जी हां… अगर PUBG लवर हैं तो गुजरात से दो ख़बरें हैं. पहला ये कि राजकोट पुलिस ने PUBG गेम पर बैन लगाया. मगर दूसरी खबर जबर है क्योंकि बैन के बावजूद PUBG खेल रहे 10 लोगों को अरेस्ट कर लिया गया है.

आसान शब्दों में बताएं तो 6 मार्च 2019 पुलिस कमिशनर ने एक नोटिफिकेशन जारी करके PUBG गेम खेलने पर बैन लगाया था. चिकन डिनर वालों के लिए नोटिफिकेशन में कुछ यूं लिखा था, बार-बार चिकन डिनर की बात क्यों कर रहे हैं ये तो PUBG खेलने वाला ही समझ पाएगा. बहरहाल, आपका और समय न बर्बाद करते हुए बताते हैं कि इस नोटिफिकेशन में आखिर लिखा क्या था…

“हमें पता चला है कि PUBG गेम और मोमो चैलेंज खेलने से युवा हिंसक हो रहे हैं. गेम से उनकी पढ़ाई पर तो असर हो ही रहा है उनका आचरण और भाषा में भी बदलाव आ रहा है. पब्लिक सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए हम PUBG गेम और मोमो चैलेंज खेलने पर बैन लगाते हैं.”

ये तो बात हो गई वार्निंग की. मगर जानकारी के लिए बता दें कि, बैन के बाद अब गिरफ्तारियां भी हुई हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ पिछले दो दिनों में राजकोट पुलिस ने तीन अलग जगहों से 10 लोगों को अरेस्ट किया है. PUBG गेम खेलने के जुर्म में.

आखिर क्या है PUBG गेम

इस गेम में कई तरह के हाईटेक फीचर हैं. जिसमें अट्रैक्टिव ग्राफिक्स के साथ-साथ मोशन सेंसर्ड टेक्नोलॉजी और पावरफुल साउंड का इस्तेमाल किया गया है. जो बच्चों को जल्दी अट्रैक्ट कर रहा है.

गेम पहुंचा रहे सेहत को नुकसान

घंटों एक ही पोजिशन में बिना मूवमेंट के बैठने व टकटकी लगाकर स्क्रीन को देखने से बच्चों में आंखों की कमजोरी, अपच की समस्या, अनिद्रा की दिक्कत, मानसिक तनाव के साथ हिंसक स्वभाव तेजी से बढ़ रहा है.

ऐसे कर सकते हैं बचाव

बच्चों के दोस्त बनें
बच्चों को टाइम दें
उनकी गतिविधियों पर नजर रखें
आउटडोर खेल के लिए प्रेरित करें
बच्चों के मोबाइल पर नजर रखें
मोबाइल निर्धारित समय के लिए दें
डांसिंग, म्यूजिक, पेंटिंग, किसी एक के प्रति उनमें पैदा करें जिज्ञासा.

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