कर्नाटक में विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए राज्यपाल ज़िम्मेदार: डिप्टी सीएम

कर्नाटक के उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा है कि राज्यपाल वजुभाई वाला विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने गए तो उन्होंने पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी में विधायकों के साथ 2 घंटे तक बात की थी। बीजेपी विधायक आर. अशोक ने कहा कि विवाद में राज्यपाल को घसीटा जाना निंदनीय है।

जानिए मैनचेस्टर में कैसा रहेगा मौसम और पिच का मिजाज

आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच 9 जुलाई को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में खेला जाएगा। इन दोनों टीमों के बीच लीग राउंड में जो मैच होना था वह बारिश की भेंट चढ़ गया था। लेकिन किस्मत इन दोनों टीमों को एक बार फिर आमने-सामने ले आई है वह भी सेमीफाइनल में। लेकिन बारिश मानों इन दोनों टीमों का पीछा नहीं छोड़ना चाहती। मौसम एजेंसी एक्यूवेदर डॉट कॉम के मुताबिक, मंगलवार को मैनचेस्टर में बारिश की 60% आशंका है। इस दिन बारिश की वजह से मैच नहीं होता है तो दोनों टीमें 10 जुलाई को मैच खेलेंगी। लेकिन, बुधवार को भी यहां बारिश की 65% संभावना है। अगर बारिश की वजह से दोनों दिन मैच नहीं होता है और बिना टॉस किए ही रद्द होता है तो ज्यादा पॉइंट्स होने की वजह से टीम इंडिया फाइनल में पहुंच जाएगी।

तेज गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है
अगर बारिश नहीं होती है तो बादल छाए रहने के अनुमान हैं और इस कंडीशन में तेज गेंदबाजों की बल्ले-बल्ले रहने वाली है। बादल छाए रहने पर तेज गेंदबाजों को स्विंग और मूवमेंट मिलेगी। ऐसे में दोनों ही टीमें स्पिनर्स की बजाए सीमर्स को तरजीह देंगी। भारत भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के साथ उतर सकता है। एक स्पिनर के रूप में देखने वाली बात होगी कि विराट कोहली चलह, कुलदीप और जडेजा में से किस पर भरोसा जताते हैं। वहीं न्यूजीलैंड की ताकत ही उसकी तेज गेंदबाजी है। ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, लॉकी फर्ग्यूसन, एडम मिल्ने और जिमी नीशम के रूप में उसके पास शानदार गेंदबाजी आक्रमण है। चूंकि भारतीय बल्लेबाज स्पिनर्स को अच्छा खेलते हैं और मैनचेस्टर के मौसम को देखते हुए न्यूजीलैंड की टीम में पांच तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है।

स्पिनर्स को मौका मिलने का चांस बहुत कम
मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए अगर बारिश नहीं होती है तो ओल्ड ट्रैफर्ड में तेज गेंदबाजों का जलवा देखने को मिल सकता है। ऐसे में टॉस की भूमिका काफी अहम हो जाएगी। न्यूजीलैंड की टीम को इससे पहले 1999 के विश्व कप में ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर ही पाकिस्तान के हाथों सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, इस विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए मुकाबलों में जीत दर्ज किया है। ऐसे में भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा होगा। वैसे दोनों ही टीमों के अंतिम एकादश का चयन मौसम पर निर्भर करेगा। फिलहाल क्रिकेट प्रशंसक यही दुआ कर रहे होंगे कि मैच बारिश की भेंट न चढ़े।