RLD की घोषणा : समाजवादी पार्टी को जारी रहेगा समर्थन, नहीं टूटेगा गठबंधन

ajeet

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से उत्तर प्रदेश में सियासी महाभारत शुरू हो चुका है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के रिश्तों के बीच आई दरार के बाद राष्ट्रीय लोक दल ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान किया है. आपको बता दें कि राष्ट्रीय लोक दल के प्रवक्ता अनिल दूबे ने एक निजी न्यूज़ चैनल से बात करते हुए बताया कि भले ही बसपा सुप्रीमो मायावती नें सपा का साथ छोड़ दिया हो, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले सपा के साथ आई आरएलडी आगे भी समाजवादी पार्टी के साथ रहेगी.

गौरतलब है राष्ट्रीय लोक दल के प्रवक्ता अनिल दूबे ने कहा कि आरएलडी ने सपा के साथ और सपा ने बसपा से गठबंधन किया था. उनके के मुताबिक आरएलडी ने सीधे बसपा के साथ गठबंधन नहीं किया था. इसलिये लोकसभा चुनाव के बाद भी आरएलडी सपा के साथ है, और आगे भी मिलकर अपनी अगली रणनीति बनायेगी.

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से भाजपा को 62 और सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को 15 सीट मिली. इनमें 10 सीट बसपा को जबकि पांच सीट सपा को मिली. दोनों दल 2014 में अलग-अलग चुनाव लड़े थे और इसमें सपा को 5 और बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी.

वहीं, भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने सपा बसपा के अपने बलबूते उपचुनाव लड़ने पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस बेमेल गठबंधन का यही अंजाम होना था.

गौरतलब है कि बीएसपी को संतोषजनक सीटें न मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार को लेकर मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर मीटिंग बुलाई थी. इस बैठक में मायावती ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव और समाजपार्टी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव ने बीजेपी को यादव वोट ट्रांसफर कराए और सपा इसे रोक नहीं पाई. उन्होंने कहा कि शिवपाल बीजेपी से मिले हुए हैं.

आपको बता दें कि पार्टी के भीतरी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के सेंट्रल ऑफिस में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मायावती गठबंधन से नाखुश नजर आईं. उन्होंने कहा कि गठबंधन से पार्टी को फायदा नहीं हुआ. सूत्रों ने आगे बताया कि पार्टी पदाधिकारियों से मिले फीडबैक के बाद मायावती ने बैठक में कहा कि गठबंधन का वोट चुनावों में ट्रान्सफर नहीं हुआ, जिसके बाद आगामी उपचुनाव में बसपा ने अकेले लड़ने का फैसला किया है.