सैक्रेड गेम्स वाले गणेश गायतोंडे के वो राजनीतिक डायलॉग जो भारत की राजनीति पर बिल्कुल फिट हैं

Sacred Games

भारत की बहुचर्चित वेब सीरीज सैक्रेड गेम्स सीज़न 2 का टीज़र जारी हो चुका है. लोगों में जबर की उत्सुकता है. आपको बता दें कि इस सीरीज़ में रणवीर शौरी और कल्कि कोचलिन जैसे सितारे भी नजर आने वाले हैं. विक्रम सेठ के उपन्यास पर बने इस शो ने अपने पहले सीजन से ही जबरदस्त सुर्खियां बटोरी हैं. पहले सीजन में कई राजनीतिक घटनाओं को संदर्भ के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. पूर्व पीएम रहीं इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर शो के पहले सीज़न में तंज कसे गए थे. कांग्रेस सरकार के कई फैसलों पर गणेश गायतोंडे (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) तीखी राय रखते नज़र आए थे.

बहरहाल हमारी खबर का जोनर ये नहीं है. हम तो आपको इस वेब सीरीज के उन कुछ चुनिंदा डॉयलाग्स के बारे में बताने वाले हैं. जो भारत के आज की राजनीति पर एकदम फिट बैठते हैं.

1. गणेश गायतोंडे: गन्स, ड्रग्स, प्रॉपर्टी, सब छोटा धंधा है. असली धंधा है पॉलिटिक्स’

2. गणेश गायतोंडे: ‘अपुन सोचा जब देश के पीएम का ही ईमान नहीं तो अपुन सीधे रास्ते चल के क्या करेगा?’

3. गणेश गायतोंडे: ‘दुनिया के बाज़ार में सबसे बड़ा धंधा है धर्म. भगवान से डरा कर बेवकूफ बनाते हैं पब्लिक को.’

4. गणेश गायतोंडे: ‘हिंदू होटल से अपुन सीखा कि धर्म के नाम पर जनता को कितना मूर्ख बनाया जा सकता था.’

5. गणेश गायतोंडे: ‘अपन कुक्कू के पीछे भाग रहा था और देश धर्म के पीछे.’

6.गणेश गायतोंडे: ‘हिंदुस्तान जब हिंदुस्तान नहीं बना था तब से पॉलिटिक्स की मच्छी को धर्म के तेल में फ्राई करते हुए आए हैं.’

7.’ये सिस्टम, ये बंबई, ये इंडिया. ये सब कौन हैं ? हम ही हैं ना.’

8. ‘धर्मों का रूप यही है. राहगीर को प्रेम से घर बुलाओ, आदर सहित भोजन ग्रहण करो. फिर उसकी आत्मा पर कब्जा कर लो.’