जूता मारने की मिली सजा, शरद त्रिपाठी का टिकट कटा

हाल में ही अपनी ही पार्टी के विधायक जूते से पीटने के बाद सुर्ख़ियों में आए बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी आखिरकार टिकट काट ही गया . बता दें कि खबर आ रही थी कि स्थानीय दबाव के चलते शीर्ष नेतृत्व ने उन पर कार्रवाई का मन बना लिया था.

गौरतलब है कि बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी पर भले ही जूता मारने की घटना के बाद पार्टी और सरकार ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की हो लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन पर कार्यवाई होना तय हो गया था. वहीं सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस बार पार्टी शरद त्रिपाठी का टिकट कटना तय था. दरअसल गोरखपुर और आसपास के इलाके में ठाकुर और ब्राह्मण वर्चस्व की लड़ाई पुरानी है. अब जूता कांड के बाद दोनों खेमे एक-दूसरे के सामने आ गए हैं.

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आपको बता दें कि बीजेपी ने अपनी 21वीं सूची में उत्तर प्रदेश की 7 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. रवि किशन के पहले जौनपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा थी. वहीं, हाल ही में ‘जूता कांड’ से चर्चा में आए शरद त्रिपाठी का टिकट काटकर संतकबीर नगर से प्रवीण निषाद को मैदान में उतारा है. इसके अलावा प्रतापगढ़ से संगम लाल गुप्ता, अंबेडकर नगर से मुकुट बिहारी, देवरिया से रमापति राम त्रिपाठी, जौनपुर से केपी सिंह और भदोही से रमेश बिंद को टिकट दिया है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने 2 दिन पहले ही लोकसभा चुनाव के लिए अपनी 20वीं सूची जारी की थी, जिसमें 6 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया था.

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