कश्मीर के बाद POK भी होगा भारत का हिस्सा, जल्द ही मुजफ्फराबाद में भी झंड़ा फहराएंगे सीएम योगी

जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाना हमेशा से ही बीजेपी की नीति का हिस्सा रहा है. लेकिन जिस तरह से ‘परिस्थितियां बनाईं गईं’ और गृहमंत्री अमित शाह ने जिस चतुराई से राज्यसभा में इसका प्रस्ताव पेश किया वह अभूतपूर्व था.

कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से ही POK का मुद्दा जोर पकड़ रहा है.

अगर दूरगामी परिणामों की बात करें तो नीतियां या आम जन भाषा में कहें तो भारत की पॉलिसी अब सही दिशा की ओर जा रही है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि विश्वभर के नेता अब जम्मू को पीछे छोड़ POK का मुद्दा उठा रहे हैं.

अगर दूसरे नजरिए से देखें तो भारत की पिछली सरकारों की यह भूल ही कही जा सकती है जिन्होंने कभी POK को भारत हिस्सा माना ही नहीं.

लेकिन जो माहौल अब बन रहे हैं उससे एक बात तो स्पष्ट है कि हमें POK को भी वापस लेना चाहिए पाकिस्तान से और यही सही वक्त भी है, क्योंकि पड़ोसी देश की सरकार इस वक्त बेहद ही कमजोर एवं लचीली है.

अगर देश की जनता के मन की बात करें तो यह भी कहा जा सकता है कि मोदी जी, अमित शाह जी और योगी युग का समय आ गया है.

जनता को एक बात और जाननी बेहद ही जरुरी है कि इसी तरह राम मंदिर की भी तैयारी चल रही है बैकग्राउंड में लेकिन लोग इससे अनजान हैं और मुझे लगता है कि 6 दिसम्बर तक हम राम मंदिर बना लेंगे.

ऐसे में अगर यह कहा जाए कि मोदी है तो मुमकिन है, योगी है भारत का भविष्य सुरक्षित है और अमित शाह है तो हम भी है तो यह बिल्कुल गलत नहीं है.

अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर पाकिस्तान किस कदर बौखलाया हुआ है इसके लिए किसी प्रमाण की जरूरत नहीं है. दरअसल, मुजफ्फराबाद पाक-अधिकृत कश्मीर के क्षेत्र की राजधानी और मुख्यालय है. मगर शायद पाकिस्तान यह भूल रहा है कि मुजफ्फराबाद भी भारत का ही अंग है. जिस तरह कश्मीर में भारतीय सरकार ने झंडा लहराया है. उसी प्रकार जल्द ही योगी आदित्यनाथ द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को मद्देनजर रखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह दिन दूर नहीं जब स्वयं योगी जी मुजफ्फराबाद में भारत का ध्वजारोहण करेंगे.

गौरतलब है कि धारा 370 हटाने के फैसले के बाद से ही गिलगिट-बल्टिस्‍तान के लोगों ने मोदी सरकार से उनके बारे में भी विचार करने और उन्‍हें भारत की संसद में विधायी अधिकार देने की मांग की थी. बता दें कि बलूचिस्‍तान के लोग 1948 से पाकिस्‍तान के अवैध कब्‍जे से आजाद होने की लड़ाई लड़ रहे हैं. कहानियों में अक्सर ऐसा जिक्र किया जाता है कि कलयुग के पाप खत्म करने के लिए भागवान कल्कि का रुप लेकर जन्म लेंगे, तो ऐसे में यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं है कि- गिलगिट-बल्टिस्‍तान के लोगों का शोषण त्रिमूर्ती मोदी जी, योगी जी और अमित शाह ही खत्म करेंगे. यह त्रिमूर्ती ही गिलगिट-बल्टिस्‍तान को पाकिस्तान के पापों से बचाएगी.

पाकिस्‍तान बार-बार कश्‍मीर में लोगों पर अत्‍याचार की झूठी कहानी सुनाने में आज भी नहीं थक रहा है और मगर भारतीय सरकार की मजबूती को देखते हुए उसे इस मुद्दे पर किसी देश का साथ नहीं मिल रहा है. वहीं, अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय बलूचिस्‍तान में आम लोगों के मानवाधिकारों के हनन पर पहले ही चिंता जता चुका है.

जिसका सीधा अर्थ यह निकलता है कि पाकिस्तान को अब इस गलतफहमी से बाहर निकलना ही होगा हम कुछ नहीं कर सकते, बल्कि उन्हें अब यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि जो हमारा है वह हम लेकर ही रहेंगे.

अरुनेश शाही की विशेष कलम से.