सर्जिकल स्ट्राइक 2.0- जानिए कौन बना था अंधेरी रातों में मिराज की ‘नेत्र’

भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को तड़के 3.30 बजे पाकिस्तान पर हमला कर कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था. वायु सेना का निशाना पुलवामा हमले का ज़िम्मेदार आतंकी संगठन जैश का कैम्प था. जिसको हमले में खत्म कर दिया गया. बताया जा रहा है कि इस हमले में करीब 300 आतंकी मारे गए हैं.

Surgical Strike 2.0

आपको बता दें की भारतीय वायु सेना की ये कार्यवाई तब हुई जब विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जैश के इस कैंप से भारत में फिर से फिदायीन हमले की तैयारी चल रही थी. जिसकी वजह से सभी बड़े आतंकी इस कैंप में जुटे थे, लेकिन उन सभी को भारत की तरफ से इस तरह की हमले उम्मीद भी नहीं थी. जिसमे कुछ सोचने और समझने का मौका नहीं मिलेगा.

गौरतलब है कि भारतीय वायु सेना द्वारा सोते हुए आतंकियों को हमेशा के लिए सुला देने वाले इस कार्यवाई में ‘नेत्र’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. “नेत्र” भारतीय वायु सेना की आँख बनकर हमले की कार्यवाई में शामिल मिराज लड़ाकू विमानों को निर्देशित कर रहा था. जिसके वजह से मिराज पाकिस्तान की सीमा में 80 किलोमीटर घुसकर उन्हें सबक सिखाने में कामयाब रहा.

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आपको बता दें कि नेत्र डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम है. जिसे एयरो इंडिया 2017 में वायुसेना में शामिल किया गया था. नेत्र दुश्मन की मिसाइल और विमान को जमीन, समुद्र और आकाश में सैकड़ों किलोमीटर के दायरे में ढूंढ निकालने में सक्षम है. सुबह 3.30 बजे जब मिराज पाकिस्तानी आतंकियों के कैंपों को नेस्तेनाबूद कर रहा था तो उस वक्त नेत्र, गैर सैन्य पूर्व खाली इलाकों में रडार कवरेज मुहैया करा रहा था.

नेत्र एक स्वदेशी विकसित डिवाइस है. नेत्र की खासियत ये है कि ये बिना सीमा रेखा पाए किए 450-500 किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के साथ ही उन ठिकानों को 120 डिग्री दृश्य मुहैया कराता है. नेत्र न सिर्फ रडार सिग्नल का पता लगा सकता है बल्कि पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के बीच होने वाली सभी बातचीत को सुन भी सकता है. खास बात ये है कि यह अपने साथ कोई खुफिया कैमरा नहीं ले जाता है बावजूद इसके वह इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसों की मदद से जमीन पर मौजूद सटीक जानकारी को मुहैया करा सकता है. फ़िलहाल भारतीय वायु सेना के पास 2 नेत्र डिवाइस है.