एक समाज के तौर पर हमने नेपोटिज्म का समर्थन किया है: राधिका आप्टे

अभिनेत्री राधिका आप्टे को लगता है कि भाई-भतीजावाद पर संवाद करना बेहद जटिल है। ऐसा न केवल फिल्म उद्योग के बारे में है बल्कि हर जगह है।

राधिका ने कहा, “मैं इस चर्चा का हिस्सा नहीं बनना चाहती हूं। यह केवल इनसाइडर-आउटसाइडर के बारे में नहीं है। यह एक व्यापक संवाद है, जिसमें किसी एक के जबाव देने से बात नहीं बनेगी। एक समाज के तौर पर, हमने भाई-भतीजावाद का समर्थन किया है। यह सिर्फ फिल्म उद्योग में नहीं है। बदलाव लाने के लिए हम सभी को बदलने की जरूरत है।”

बॉलीवुड में पहचान बनाने को लेकर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इनसाइडर और आउटसाइडर दोनों के लिए ही यहां सफलता पाना मुश्किल है। केवल एक खास परिवार में पैदा होने से सफलता नहीं मिलती है, यह मुश्किल संवाद है।”इससे पहले राधिका ने कहा था, “मैं यहां केवल प्रसिद्धि पाने के लिए नहीं हूं। हां, कभी-कभी इससे मिलने वाले सुविधाओं को मैं पसंद करती हूं, लेकिन मैं सफलता और असफलता को गंभीरता से नहीं लेती।”

अभिनेत्री ने कई फिल्मों में न केवल शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीता है, बल्कि उन्होंने बॉलीवुड नायिका की रूढ़ीवादी छवि को तोड़ते हुए ‘फोबिया’, ‘बदलापुर’, ‘मांझी: द माउंटेन मैन’, ‘लस्ट स्टोरीज’, ‘सेक्रेड गेम्स’ और ‘पैड मैन’ जैसे प्रोजेक्ट भी किए हैं।