इस सफर के लिए जवान भी बन जाता था बुजुर्ग

कोरोना में मजबूरी का फायदा उठाने वाले कई लोग सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में गुजरात के सूरत जिले में पुलिस ने सफलता हासिल करते हुए लोगों से धोखाधड़ी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वराछा पुलिस ने कम उम्र के लोगों को ट्रेन में सीनियर सिटीजन कोटे का कन्फर्म टिकट देने का नेटवर्क चलाने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

आरपीएफ और वराछा पुलिस की कार्रवाई
आरपीएफ और वराछा पुलिस ने एक साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया।  वराछा पुलिस के अनुसार आरपीएफ इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह यादव ने वॉट्सएप पर जानकारी दी थी कि ट्रेन नं. 09084 मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन में दानापुर डिविजन आरा स्टेशन से 12 लोगों ने सीनियर सिटीजन कोटे से टिकट बुक किया हुआ था। यात्रियों ने ट्रेन में सफर करने की कोशिश की थी, लेकिन टीटी ने टिकट चेक करने के बाद उन्हें पकड़ लिया।

आरपीएफ और वराछा पुलिस ने पूणा में स्थित रणुजा धाम सोसाइटी के एक प्लाट में चल रहे श्री राधे मोबाइल दुकान का मालिक भावेश वाडदोरिया सरथाणा जकताना के रॉयल आर्केड में टिकट बुकिंग की एजेंसी चलाता था। इसे भावेश का भाई अंकित चलाता था।

ज्यादा पैसे लेकर लेकर यात्रियों से करते थे ठगी
आरपीएफ और वराछा पुलिस ने श्री राधे मोबाइल में जांच की तो सरथाणा से टिकट बुक करने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने भावेश, अंकित और अल्पेश बलर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी यात्रियों से ज्यादा पैसे लेकर सीनियर सिटीजन कोटे का टिकट देकर ठगी करते थे।

कन्फर्म टिकट का झांसा देकर ऐठ लेते है रुपए
ये लोग कम पढ़े-लिखे और मजदूर लोगों को बड़ी आसानी से अपने झांसे में ले लेते थे। दलाल सूरत, मुंबई की ट्रेनों में कन्फर्म टिकट का झांसा देकर यात्रियों से 3 से 4 हजार रुपए ऐठ लेते। ट्रेन में जब टीटी द्वारा टिकट की जांच की जाती है तब ठगी होने का पता चलता है और ठगे गए यात्रियों को रेलवे में जुर्माना भी भरना पड़ता है।